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मंदिर में तहसीलदार की जेब काटकर शातिरों ने उड़ाए 14 हजार

Thu, 06 Oct 2016 09:56 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, चिंतपूर्णी (ऊना)
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चिंतपूर्णी मंदिर के पूर्व मंदिर अधिकारी और तहसीलदार अवनीश शर्मा की चिंतपूर्णी मंदिर में जेब कतरों ने जेब काटकर 14 हजार उड़ा लिए। घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सीसीटीवी की फुटेज खंगाली लेकिन कैमरों की फुटेज में भी जेब कटने की घटना की पुष्टि नहीं हो रही है। ऐसे में मंदिर प्रशासन व पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। 
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जब एक तहसीलदार की ही जेब सुरक्षित नहीं है तो फिर मंदिर में आने वाले आम श्रद्धालुओं के सुरक्षित रहने की कल्पना कैसे की जा सकती है। अवनीश शर्मा पांच वर्षों तक चिंतपूर्णी मंदिर में बतौर मंदिर अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, वर्तमान में अवनीश शर्मा तहसीलदार डाडासीबा में कार्यरत हैं। 

इससे एक दिन पहले होशियारपुर निवासी पंकज की जेब भी मंदिर में काटे जाने की सूचना है। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि जेब काटने की घटना की सूचना उन्हें मिली है। पूर्व में मंदिर अधिकारी रहे अवनीश शर्मा व श्रद्धालुओं की जेब कटने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर, मंदिर अधिकारी ने कहा कि जेब काटने की घटना की जांच की जा रही है, इसके अलावा जांच के लिए सीसीटीवी की फुटेज की सीडी बना कर सेव कर रख ली गई है।
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टावर लगाने के नाम पर युवक से 60 हजार की ठगी

गोहर (मंडी)। मोबाइल टावर लगाने के नाम पर एक फर्जी कंपनी ने गोहर उपमंडल की किलिंग पंचायत के सुक्कीबाई गांव में एक युवक को करीब 60 हजार रुपये की चपत लगा दी। किलिंग पंचायत के सुक्कीबाई निवासी योगराज के मोबाइल पर एक फर्जी कंपनी का नाम लेकर एक शातिर ने फोन किया कि उसकी जमीन पर कंपनी मोबाइल टावर लगाना चाहती है। 

शातिर ने योगराज से कहा कि वह बतौर सिक्योरिटी कंपनी के खाते में तीन हजार रुपए जमा करवा दें। योगराज शातिर के झांसे में आ गया और उसने बताए गए बैंक खाता संख्या में तीन हजार रुपए जमा करवा दिए। उसके करीब दस दिन बाद योगराज को फिर फोन आया कि कंपनी के अधिकारी उसकी जमीन देखने आ रहे हैं और वह 20 हजार रुपए कंपनी के खाते में जमा करवा दें। 

योगराज ने इस पर मना कर दिया। उसके बाद फर्जी कंपनी के शातिर ने करीब दस दिन बाद डाक द्वारा योगराज के पते पर 50 लाख रुपए का फर्जी चेक भेज दिया। चेक मिलते ही योगराज बाग बाग हो गया। 50 लाख का चेक मिलने के बाद शातिर ने योगराज को फिर फोन किया। उसके बाद उसे 50 हजार रुपए उसके खाते में जमा करवाने को कहा। 

योगराज शातिर के बहकावे में आ गया और उसने तुरंत बैंक जाकर फर्जी कंपनी के खाते में 50 हजार की रकम जमा करवा दी। उसके बाद जब योगराज चेक पर अंकित नाम के पते पर उक्त बैंक में मंडी गया तो बैंक ने फर्जी चेक देख योगराज को तलब कर दिया। बैंक प्रबंधन ने योगराज को संदिग्ध मानकर पुलिस को सूचना देनी चाही। योगराज के अनुसार बैंक प्रबंधन ने मंडी में उसका चेक कब्जे में ले लिया। 

योगराज ने घर आकर जब शातिर के नंबर पर फोन करनी चाही तो उसका फोन बंद आ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ विज्ञापनों में टावर लगाने वाली ऐसी कंपनी के झांसे में अनेक लोग आ रहे हैं। एसएचओ गोहर चांद किशोर ने बताया कि पुलिस में इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे फोन काल से सावधान रहें और इसकी सूचना जल्द पुलिस को दें।
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