केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने प्रदेश के एकमात्र राजीव गांधी आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान पपरोला को तीन नए पीजी कोर्स शुरू करने की अनुमति दी है। इससे पूर्व संस्थान को सामान्य सर्जरी के अभ्यास करने की अनुमति मंत्रालय ने दी थी। इसके बाद अब संस्थान में शरीर रचना, अगध तंत्र और शरीर क्रिया विषयों के लिए तीन नए पीजी कोर्स शुरू करने की सौगात दे दी है।
पिछले माह मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम ने इस संबंध मेें संस्थान का दौरा कियाथा। टीम की मंत्रालय को दी गई रिपोर्ट के आधार पर इन तीन नए विषयों में पीजी कोर्सेज शुरू करने का रास्ता साफ हो सका है। आयुष मंत्रालय से मिली अनुमति के बाद अब छात्र यहां आयुर्वेद के सभी 14 विषयों में पीजी कोर्स कर सकेंगे। आयुर्वेद के सभी 14 विषयों में पीजी की सुविधा देश के कुछेक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक संस्थानों में ही उपलब्ध है।
अब इस कॉलेज के डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने की राह भी आसान हो गई है। प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव पास करके पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष यह मांग रखी हुई है। मंत्रालय ने आयुर्वेद की यूजी की 75 सीटों को भी नए सत्र के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. नरेश शर्मा ने तीन नए विषयों में पीजी कोर्स शुरू करने की स्वीकृति मिलने की पुष्टि की है।