सीबीआई ने बहुचर्चित सीमेंट खरीद घोटाले में मंगलवार को चंडीगढ़, कुल्लू और नादौन में छापामारी की है। यह कार्रवाई एक साथ तीन अलग अलग टीमों ने की है।
ये छापे एनएचपीसी और संबंधित ट्रांस्पोर्ट कंपनियों के अधिकारियों के घरों और सीमेंट स्टोरों पर पड़े हैं। छापामारी के दौरान सीबीआई ने प्रथम दृष्टया 11 हजार से अधिक सरकारी सीमेंट के बैग गायब पाए। छापामारी की इस कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने कई अहम रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ में ट्रांस्पोर्ट कंपनियों के आफिस हैं, कुल्लू में एचपीसीए के संबंधित अधिकारी का घर और सीमेंट स्टोर है। नादौन में ट्रांस्पोर्ट कंपनी के किसी अधिकारी का घर है।
सरकार को 33 लाख रुपए की चपत
सीबीआई ने छापामारी का सिलसिला नई एफआईआर दर्ज करने के बाद शुरू किया है। इस एफआईआर में एनएचपीसी के कुछ अधिकारियों के अलावा ट्रांस्पोर्ट कंपनियों के अधिकारी भी शामिल है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार सरकारी सीमेंट के एक बैग की कीमत करीब 300 रुपए आंकी गई है।
इस तरह एनएचपीसी के अधिकारियों ने सरकारी खजाने को करीब 33 लाख रुपए से अधिक की चपत लगाई है। 11 हजार सीमेंट बैग गायब होने से कुल्लू स्थित पार्वती पन बिजली परियोजना -2 के निर्माण में किस तरह की खामियां रखी गई यह भी सीबीआई की जांच का हिस्सा है। जब्त किए गए दस्तावेजों को खंगालने के बाद विजिलेंस संबंधित अधिकारियों को गिरफ्तार कर सकती है।
यह है मामला
पार्वती पन बिजली परियोजना -2 के लिए जो सीमेंट चंडीगढ़ की दो अलग अलग ट्रांसपोर्ट कंपनियों के ट्रकों से आता था वह प्रोजेक्ट के स्टोर में पहुंचता ही नहीं था। जबकि दोनों जगहों पर रजिस्टर में सीमेंट के ट्रक के निकलने और एंट्री की जाती थी, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं होता था।
सीबीआई के एसपी डॉ. अरमानदीप सिंह ने बताया कि सीबीआई ने आज तीन जगहों पर रेड डाली है। इन जगहों से कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह मामला नया है।