मगर सजा न सुनाए जाने के कारण वे मायूस हो गए। सुबह दस बजे ही तीनों दोषियों को कंडा जेल से अदालत परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पहुंचाया गया। इसके साथ ही सुबह 10:05 पर युग की मां, पिता और दादी पहुंच गई थी।
11:10 बजे लॉकअप से तीनों को अदालत में लाया गया। यहां मुश्किल से दो मिनट में उन्हें अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई और तीनों को पुलिस की सुरक्षा के बीच वापस कंडा जेल ले जाया गया।