भाजपा के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिला की पहचान लीक होने के मामले में महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है।
महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने बताया इस तरह एक महिला की पहचान सार्वजनिक होने से उसकी प्रतिष्ठा और मान को ठेस पहुंची है। आयोग ने जिला पुलिस से इस संबंध में रिपोर्ट तलब करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा आयोग पुलिस प्रमुख को भी पत्र लिखकर एफआईआर की कॉपी लीक करने वाले पुलिस कर्मचारी व थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश करेगा। हालांकि एफआईआर लीक हुए काफी समय बीत चुका है।
मीडिया में सार्वजनिक हुई महिला की पहचान
मीडिया में महिला की पहचान सार्वजनिक होने के संबंध में खबरें प्रकाशित होने के बाद आयोग हरकत में आया है। अब महिला आयोग इस मामले की तह तक पहुंचने और सच्चाई जानने के लिए स्वयं पीड़ित महिला से मिलने जाएगा।
आयोग महिला से इतने लंबे अंतराल के बाद शिकायत के लिए पुलिस के पास आने के कारणों के अलावा विधायक तक पहुंचने के सभी कारणों और किसके कहने पर वह विधायक से मिलने गई जैसे सवालों की स्थिति स्पष्ट करेगा।
अभी तक की पुलिस जांच में विधायक ने उन पर लगाए सभी आरोपों का खंडन किया है। उधर, पुलिस भी महिला पर बयानों को बार-बार बदलने की बात कर रही है। आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने बताया कि वह हमीरपुर में ही हैं और आज ही महिला से मिलने का प्रयास किया जाएगा।
पीड़िता का परिवार दर्ज कराएगा शिकायत
यौन शोषण मामले में पीड़ित महिला का परिवार पहचान लीक होने से आहत है और शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। महिला के पति ने मामले में राजनीति करने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने पहचान जाहिर करने पर कहा कि संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र की महिला ने भाजपा के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा पर दुराचार की एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर की कॉपी लीक होने से पुलिस की कार्यप्रणाली भी शक के दायरे में आ गई है। हाई प्रोफाइल मामले में विस क्षेत्र में राजनीति हो रही है।
क्षेत्र में महिला की एफआईआर की कॉपी बांटी जा रही है। एफआईआर की कॉपी बंटने से क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। महिला के पति का कहना है कि हमारे पास एफआईआर की कॉपी नहीं है, लेकिन क्षेत्र में कापी बांटना दुर्भाग्यपूर्ण है।