हिमाचल के कांगड़ा जिला के राजल पंचायत हलके में एक मां ने पहले अपनी तीन साल की बच्ची का गला घोंटा और बाद में खुद जंगल में जाकर करीब 300 मीटर उंचे पहाड़ से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
मां और बेटी की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। वारदात की असल वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। लेकिन इसे घरेलू कलह का नतीजा बताया जा रहा है।
राजल पंचायत के घुरेहड़ गांव की सुधा देवी (27) घर में अपने सास ससुर के संग रहती थी। महिला का पति संजय कुमार चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में काम करता है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से नीचे मिली महिला की लाश के गले में दुपट्टा भी बंधा था।
फंदा लगाकर भी की आत्महत्या की कोशिश
ऐसे में अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि पहाड़ पर चढ़कर महिला ने पहले फंदा लगाने की कोशिश की लेकिन असफल रहने पर उसने पहाड़ से छलांग लगा दी।
तीन साल की बच्ची का गला मां ने घोंटा या घटनाक्रम कुछ और है, इन सभी पहलुओं को लेकर पुलिस छानबीन में जुट गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार महिला पंचायत के ही एक निजी स्कूल में बतौर शिक्षिका तैनात थी।
वारदात के वक्त सुधा घर में अकेली थी। उसका ससुर मनरेगा की दिहाड़ी लगाने गया था। सास घास काटने गई हुई थी। महिला के साथ उसकी तीन साल की बेटी और ननद का बेटा था।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की
बताया जा रहा है कि महिला ने अपनी ननद के बेटे को बरामदे में पढ़ने के लिए कहा। बाद में वह कमरे में चली गई। थोड़ी देर बाद वह जंगल की ओर चली गई। इसके बाद आसपास घास काट रहे लोगों को महिला के पहाड़ से नीचे गिरे होने का पता चला।
मृतका का मायका पालमपुर में बताया जा रहा है। पुलिस को शाम को राजल पंचायत के प्रधान ने हादसे की सूचना दी। इसके बाद पुलिस देर शाम गांव में पहुंची। पुलिस ने महिला और बच्ची के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कांगड़ा थाना प्रभारी महिंद्र सिंह मिंहास के अनुसार पुलिस दल को घटनास्थल पर भेजा गया है। महिला की शादी 4 साल पहले हुई थी। बच्ची को उसकी मां ही ने मारा या वारदात में कुछ रहस्य छुपा है, पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया इससे परदा नहीं उठ पाया है। अटकलें चल रही है कि मृतका और उसकी सॉस में अनबन चल रही थी।