हिमाचल प्रदेश सचिवालय में एक महिला कर्मचारी ने अपने सीनियर पर गलत मंशा के साथ जोर जबरदस्ती का संगीन आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। महिला कर्मचारी छोटा शिमला में शिकायत लेकर पहुंची और आप बीती सुनाई।
महिला ने आरोप लगाया कि उसे काम के बहाने कमरे में बुलाया इससे पहले की वह कुछ समझ पाती उसने उसके साथ छेड़खानी कर जबरदस्ती करने की कोशिश की। महिला की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और उस सीनियर को थाने बुलाया।
महिला की दरख्वास्त को आगामी छानबीन के लिए महिला थाने में शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल, महिला को उस ब्रांच से दूसरी जगह तबदील कर दिया गया है। मामला दो दिन पुराना बताया जा रहा है।
यह संगीन आरोप एक वरिष्ठ पर लगाया गया है जिन्हें सरकारी सेवाएं देते हुए 30 से 32 साल हो चुके हैं। शिकायत आने के बाद पुलिस इस मामले में आईपीसी की धारा 354 के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए तैयार थी। बुधवार को दोनों को थाने बुलाया गया।
महिला का आरोप, अफसर ने की जबरदस्ती पर केस नहीं
यहां महिला अपनी बात पर अड़ी रही कि उसके साथ जोर जबरदस्ती की कोशिश की गई थी जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की बात कही तो महिला ने इस बात से इंकार करते हुए कहा कि उसे एफआईआर दर्ज नहीं करवानी है। वह उसे सुधरने का एक मौका देना चाहती है।
इस पर आरोपी ने पुलिस को लिखित में दिया कि अगर उसने कोई गलती की है तो वह माफी चाहता है और भविष्य में कभी भी इस महिला से बात तक नहीं करेगा। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद मामला सुलट गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई में यह शिकायत सही थी?
अगर थी तो जिस महिला की अस्मत पर हमला हुआ है वह कैसे इस संगीन जुर्म के आरोपी को माफी दे दें? कहीं किसी के दबाव में आकर तो महिला ने अपनी शिकायत वापिस नहीं ली या फिर आपसी खुन्नस के चलते एक वरिष्ठ की बेदाग छवि को दागदार करने की सोची समझी साजिश थी? मामला बेश्क बंद हो गया लेकिन यह कई गंभीर सवाल छोड़ गया है।
32 साल से है बेदाग छवि
प्रदेश सचिवालय में अह्म पद पर तैनात संगीन आरोप में घिरे वरिष्ठ से बात की तो उन्होंने कहा सरकारी सेवा देते हुए उन्हें 32 साल हो गए हैं। उन पर उन्हीं की कार्यालय की एक महिला द्वारा लगाया गया यह संगीन आरोप आहत करने वाला है।
महिला ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं महिला ने थाना छोटा शिमला में शिकायत की। मंगलवार को उन्हें थाना छोटा शिमला बुलाया गया। उसके बाद बुधवार को महिला थाने में बुलाया गया। वहां पुलिस ने उनका समझौता करवा दिया। उन्हें महिला के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करनी है।
क्या है आईपीसी की धारा 354
भारतीय दंड संहिता की धारा 354 का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है जहां स्त्री की मर्यादा और मान सम्मान को क्षति पहुंचाने के लिए उस पर हमला किया गया हो या उसके साथ गलत मंशा के साथ जोर जबरदस्ती की गई हो
क्या होती है सजा
भारतीय दंड संहिता के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा को भंग करने के लिए उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है तो उस पर आईपीसी की धारा 354 लगाई जाती है जिसके तहत आरोपी पर दोष सिद्ध हो जाने पर दो साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है।