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फैक्ट्री में नाबालिग से दुराचार, DSP करेंगे मामले की जांच

Mon, 18 Jul 2016 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल हाईकोर्ट ने पिता के आग्रह को स्वीकार करते हुए उनकी नाबालिग बेटी से हुए दुराचार की जांच डीएसपी को सौंप दी है। सिरमौर जिला के कालाअंब में यह वारदात हुई। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने पिता की याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किए।
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मामले के अनुसार 29 जून 2015 को प्रार्थी ने पुलिस स्टेशन कालाअंब में दुराचार के आरोपी मुकेश के खिलाफ  प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इसी प्राथमिकी में प्रार्थी ने कालाअंब में एक निजी फैक्ट्री में काम करने वाले विमल तिवारी भारद्वाज, ममता कश्यप, प्रकाश मेहरा और विष्णु के खिलाफ आरोप लगाए थे।
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आरोप, एसएचओ ने नहीं की कार्रवाई

प्रार्थी ने बताया था कि इन्होंने फैक्ट्री का नाम बदनाम होने के डर से पीड़िता को मुंह बंद रखने की सलाह दी थी और ऐसा न करने पर उसे जान से मार डालने की धमकी दी थी। प्रार्थी के अनुसार इन लोगों को उनकी बेटी ने मुकेश द्वारा उसके साथ दुराचार करने की बात बताई थी।

प्रार्थी ने एसएचओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने मामले की तहकीकात सही ढंग से नहीं की और पीड़िता को जान से मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनाया। कोर्ट ने डीएसपी को आदेश दिए हैं कि वह पीड़िता द्वारा बताए गए लोगों के खिलाफ  भी जांच को आगे बढ़ाए और दो माह के भीतर जांच पूरी कर मामले पर अगली कार्रवाई अमल में लाएं।
 
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