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करोड़ों के घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बीते अप्रैल माह से था फरार

Sun, 21 Jan 2018 09:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
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दी बल्यूट कृषि सहकारी सभा हमीरपुर में करोड़ों के घोटाले मामले में जिला पुलिस को बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। करीब 10 महीनों से फरार चल रहे सहकारी सभा के सचिव को पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव यूनिट ने शनिवार को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार कर लिया है। 

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 पुलिस आरोपी सचिव को गिरफ्तार करके शीघ्र हमीरपुर पहुंचने वाली है। करोड़ों रुपये के गबन मामले में अब शीघ्र ही इस घोटाले से जुड़ी अन्य परतें खुलने की उम्मीद है। दी बल्यूट कृषि सहकारी सभा में करीब 700 खाताधारकों की पूंजी जमा है। 

वर्ष 2011-12 और वर्ष 2012-13 के स्पेशल ऑडिट के दौरान एक करोड़ 45 लाख रुपये का गबन सामने आया था। इसके साथ ही 186 खाताधारकों के नाम पर एक करोड़ 82 लाख रुपये का फर्जी लोन का मामला भी सामने आया था। 

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यहां जानिए पूरा मामला

करीब 3 करोड़ रुपये का घपला इस सोसाइटी में बताया जा रहा है। इस गबन को उजागर करने वाली महिला ऑडिटर को बेवजह परेशान भी किया गया। मामला उजागर होने के बाद सभा का सचिव 24 अप्रैल 2017 को सोसाइटी के कार्यालय में एक सुसाइड नोट छोड़कर अपनी पत्नी व बच्चों समेत फरार हो गया था।

कुछ दिनों तक सचिव के कार्यालय न आने पर सभा के पदाधिकारियों को शक हुआ और उन्होंने सोसाइटी का कार्यालय खोला सोसाइटी के कार्यालय के भीतर सभा के सचिव का सुसाइड नोट पाकर सभी हैरान हो गए। कुछ लोग तो यह मान रहे थे कि सभा के सचिव ने परिवार समेत आत्महत्या कर ली है।

पुलिस ने इस मामले में सरकारी सभा के सचिव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर आरोपी की धरपकड़ के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट का गठन किया। इसी बीच सभा के पूर्व सहायक सचिव जो कि एक बैंक का कर्मचारी भी है, को भी गिरफ्तार किया गया और मामले को लेकर  सहकारी सभा की  कमेटी से भी गहन पूछताछ की गई।
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जमापूंजी वापस लेने के लिए खाताधारकों ने किया ये

स दौरान खाताधारकों ने अपनी जमापूंजी वापस लेने को लेकर लंबे समय तक धरना प्रदर्शन किया और उपयुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को कई ज्ञापन भी भेज। जिसके बाद हिमाचल प्रदेश सहकारी सभा के पंजीयक शिमला से मामले की जांच के आदेश दिए गए।

इसके बाद बिलासपुर और मंडी जिला के दो ऑडिटरों को साल 2015-16 और 2016-17 के ऑडिट के आदेश भी दिए गए लेकिन मामला काफी हाई प्रोफाइल होने के चलते भारी दबाव पड़ गया और सारी जांच ठंडे बस्ते में पड़ गई लेकिन पुलिस ने अपनी जांच जारी रखी।

इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सचिव उत्तराखंड में एक दुकान पर काम कर रहा है लेकिन जब पुलिस टीम वहां पहुंची और आरोपी सचिव मौके से फरार हो गया था। अब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी सचिव को पंजाब के गुरदासपुर से गिरफ्तार किया है।,

उधर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर राजेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव यूनिट ने आरोपी सचिव को पठानकोट से गिरफ्तार कर लिया है।
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