चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हुए पार्षद संजय परमार पर शोघी के पास अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। संजय चंडीगढ़ से शिमला लौट रहे थे। शोघी के पास कुछ लोगों ने इनकी गाड़ी को रोका और बाहर खींच लिया। गाड़ी से बाहर निकालने के बाद लोगों ने पार्षद की पिटाई कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद अज्ञात लोग मौके से फरार हो गए।
मारपीट में संजय को गंभीर चोटें लगी हैं। वारदात के बाद पार्षद बालूगंज थाना पहुंचे और मामले की एफआईआर दर्ज करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित कुछ लोगों ने उन पर हमला किया है। इधर, वारदात की खबर लगते ही भाजपा कार्यकर्ता थाना पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देर रात थाने के बाहर तनाव का माहौल बना था। थाना बालूगंज में दी शिकायत के अनुसार संजय परमार ने बताया कि वे चंडीगढ़ से शिमला आ रहे थे। शाम को जब वह शोघी के समीप सोनू बंगला के पास पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनकी कार के आगे एक कार लगा दी।
उसके बाद चार लोग कार से उतरे उनको कार से बाहर खींच लिया। उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच बचाव में उनके नाक पर गहरी चोट लगी है। अज्ञात लोग मारपीट करने के बाद वहां से फरार हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी हमलावर कांग्रेस समर्थित थे। पुलिस विभागीय जांच करते हुए उसे मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
कांग्रेस से थे मनोनीत पार्षद
संजय परमार पूर्व में कांग्रेस पार्टी से नगर निगम शिमला में मनोनीत पार्षद चुने गए थे। परमार सिरमौर के रहने वाले है। हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में परमार घोड़ा चौकी से आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव में खड़े हुए थे। चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस समर्थित लोगों को यह यकीन था कि वह कांग्रेस में ही शामिल होंगे। लेकिन चुनाव नतीजों के दूसरे ही दिन परमार बीजेपी में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं में परमार के प्रति रोष था।