हिमाचल के कांगड़ा जिले में पुलिस थाना जवाली के अधीन कुठेहड़ में गुरुवार रात एक महिला की हत्या से सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मृतक महिला की मां की शिकायत के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर ससुराल वालों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार गुड्डी देवी पत्नी प्रताप चंद निवासी डडोला (हारचक्कियां) ने पुलिस थाना जवाली में शिकायत दर्ज करवाई कि उसकी बेटी ऊषा देवी (32) की शादी वर्ष 2013 में अर्जुन सिंह पुत्र सूरत सिंह निवासी कुठेहड़ (जवाली) से हुई थी।
गुरुवार रात को उसके दामाद अर्जुन सिंह, बेटी के ससुर सूरत सिंह व सास विष्णु देवी तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी है। आरोप लगाया कि शादी के थोड़े समय के बाद ही पति, सास व ससुर उनकी बेटी ऊषा देवी को मानसिक तौर पर तंग करने लगे। कई बार समझौता करवाया गया लेकिन उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। गुड्डी देवी ने कहा कि पिछले कल शाम को उसने अपनी बेटी से फोन पर बात की तो उसने बताया कि वह खाना बना रही है।
यह भी बताया कि उसके पति ने शराब पी रखी है और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया है। उसके बाद ऊषा देवी के ससुर ने फोन करके सूचना दी कि उषा देवी ने फंदा लगा लिया है। जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि ऊषा देवी के सिर व शरीर पर चोटों के निशान थे, लेकिन गले में कोई चोट का निशान नहीं था। इससे प्रतीत हो रहा था कि ऊषा के पति, सास व ससुर ने उसकी हत्या की है। मायके पक्ष की मांग है कि उनकी बेटी के हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शुक्रवार को एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन, डीएसपी जवाली ओंकार सिंह भी मौके पर पहुंचे। धर्मशाला से फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। उधर, डीएसपी जवाली ओंकार सिंह ने कहा कि पुलिस को प्रधान ने सूचना दी थी कि ऊषा देवी ने फंदा लगाकर जान दे दी है। जब पुलिस मौके पर गई तो उसके गले में ऐसा कोई निशान नहीं था। ऊषा की माता गुड्डी देवी के बयान पर पति अर्जुन सिंह, ससुर सूरत सिंह व सास विष्णु देवी के खिलाफ-302, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।