हाईकोर्ट ने नाबालिग चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म के दोषी नन्हा निवासी हमीरपुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी पाते हुए दस साल का कठोर कारावास और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने विशेष न्यायाधीश हमीरपुर के फैसले को पलटते हुए सरकार द्वारा दायर अपील को मंजूर किया।
मामले के अनुसार 8 जून, 2007 को दोषी पीड़िता के घर में ठहरा था। रात में अंधेरे का फायदा उठाकर दोषी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता द्वारा शोर मचाने पर वहां से भाग गया था। अगले दिन पीड़िता की मां ने दोषी के खिलाफ थाना हमीरपुर में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला दर्ज करवाया।
12 गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में दोषियों का दोष साबित नहीं कर पाया था। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे स्वीकार किया गया।