घर से करीब तीन सौ मीटर दूरी पर जंगल के समीप पहुंच कर उसने अपनी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक का बट्ट पैर के पंजे पर रख दिया। इसके लिए बाकायदा उसने एक पैर का जूता भी निकाला। इसके बाद बंदूक की नाली को गले पर रखकर ट्रिगर दबा दिया।
जिससे बंदूक से निकला कारतूस उसके गले में लगा। जिससे उसका गला बुरी तरह से फट गया। व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती जांच में पता चल रहा है कि प्रेमचंद क्षेत्र में पंडित का कार्य करता था। पिछले कुछ समय से वह मानसिक रूप से परेशान था।
पुलिस को घर से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उसने साफ लिखा है कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा है। उसकी आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेवार न ठहराया जाए। बंदूक चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जंगल में मौके की तरफ भागे।
मौके पर प्रेम चंद को खून से लथपथ मृत पाया। इसकी सूचना माजरा पुलिस थाने में सूचना दे दी गई। जिसके बाद माजरा थाना प्रभारी एमएस चौहान टीम सहित मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे मे ले लिया गया है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उधर, एएसपी सिरमौर वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि माजरा पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। कांडो कांसर के नडासी निवासी प्रेम चंद शर्मा (48) के शव को कब्जे में लिया गया है। इस मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है।