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पोल न खोल दे, इसलिए कर दिया दोस्त का कत्ल

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चोरी की पोल खुलने के डर से अपने ही दोस्त को मौत के घाट उतारने वाले दो दोस्तों को न्यायालय ने उम्रकैद समेत दो सजाएं सुनाई हैं। कत्ल को अंजाम बद्दी में दिया गया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेमपाल रांटा की अदालत ने आशीष कुमार पुत्र स्वर्गीय भूप सिंह निवासी गांव कोठी पोस्ट ऑफिस चौलथारा तहसील सरकाघाट (मंडी) और सोनू कुमार पुत्र स्वर्गीय हेमराज गांव बसटाला पोस्ट ऑफिस नबाही तहसील सरकाघाट (मंडी) को दोषी करार दिया है।
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अभियोजन पक्ष से मामले की पैरवी जिला उपन्यायवादी मोहेंद्र कुमार शर्मा ने की। ट्रायल के दौरान 25 गवाह पेश हुए। धारा 302 के तहत पुलिस ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 5-5 हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने की एवज में छह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साक्ष्य और कातिल को छिपाने की धारा 201 के तहत दोनों को 5-5 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 3000-3000 रुपए जुर्माना अदा करना होगा। अन्यथा तीन माह का कारावास भुगतना होगा।
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यह था पूरा मामला

दोनों दोस्तों पर अशोक कुमार पुत्र सुखराम गांव डलोली पोस्ट ऑफिस नबाही तहसील सरकाघाट को मौत के घाट उतारने के मामले में दोषी करार दिया गया है। वर्ष 2012 में तीनों दोस्तों ने मिलकर गांव सतमाला में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद तीनों बद्दी पहुंचे। भुड्ड बाजार में मलखूमाजरा में एक मकान किराए पर लिया।

आशीष सूप की रेहड़ी लगाने लगा और सोनू किसी वाहन में कंडक्टर लग गया। अशोक ने कुछ काम नहीं किया। अशोक को कुछ लोगों ने चोरी की वारदात में पहचान लिया था। दोनों दोस्तों को डर था कि पुलिस की गिरफ्त में आते ही वह दोनों ने नाम न उगल दे, इसके डर से दोनों ने अशोक का कत्ल कर दिया।
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