एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तीस प्रविष्टियां फर्जी निकली हैं। इसमें विभागीय कर्मचारियों के हाथ होने की आशंका भी है।
सिरमौर कनेक्शन, दो भाइयों के यहां जानी थी राशि
एसआईयू के प्रभारी सुनील कुमार सांख्यान ने बताया कि शिकायत मिली थी कि जिला रोजगार कार्यालय में कुछ नाम रिकॉर्ड में आए हैं, जो सरासर गलत और फर्जी हैं। ऐसे 30 अभ्यर्थियों ने योजना के तहत पैसे लेने के लिए कुछ बैंक अकाउंट दिए हैं, जो संगड़ाह, सिरमौर के रहने वाले दो व्यक्तियों के नाम पर हैं। इनके खाते में उक्त सारी राशि जानी थी। दोनों कंप्यूटर सेंटर चलाते हैं।
यह थी योजना
वर्ष 2013 -14 में सरकार ने कौशल विकास भत्ता शुरू किया। शर्त थी कि बेरोजगार किसी प्राइवेट या अर्ध सरकारी या सरकारी संस्थान से आईटीआई डिप्लोमा कर रहा है तथा बेरोजगार है, जिसकी उम्र 16 वर्ष से लेकर 36 वर्ष के बीच है तथा जिसकी आमदनी 200000 प्रति वर्ष से कम है तथा हिमाचली है।
उसका रोजगार कार्यालय में पंजीकरण हुआ है बेरोजगारी भत्ता के लिए अप्लाई कर सकता है। जिन्हें बेरोजगारी भत्ता प्रतिमाह 1000 तथा विशेष जरूरत वाले बेरोजगारों को 1500 सौ रुपये मिलेगा।