शिमला आईएसबीटी टुटीकंडी के पास 20 जनवरी को मिली सिर कटी लाश संजीत चौधरी की है। संजीत चौधरी को लूटने के लिए कातिलों ने पहले उसे शराब पिलाई, फिर गला घोंट कर मार डाला और बाद में सुबूत खत्म करने के लिए एक झटके में उसकी गर्दन को तेजधार हथियार से काट दिया।
सिर को एक लिफाफे में डालकर कुछ दूर फेंक आए। यह खुलासा हत्या करने के आरोप में कुल्लू से गिरफ्तार नेपाली मूल के चार युवकों ने किया है। कातिलों ने संजीत के मामा दिली बहादुर को खनोग गांव के पास पीट-पीट कर मारने का जुर्म भी कबूला है। आरोपी सिर कटी लाश संजीत की बता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने शिनाख्त के लिए संजीत के पिता का डीएनए टेस्ट करने का फैसला लिया है।
कुल्लू से गिरफ्तार किए चारों आरोपी
आईएसबीटी के पास हुए दो ब्लाइंड मर्डर मामलों को शिमला पुलिस ने दस दिन के भीतर हल कर दिया है। शनिवार को पुलिस कुल्लू से गिरफ्तार कर चार नेपाली मूल के युवकों को पकड़ कर ले आई है। सभी आरोपी बालूगंज पुलिस थाना में रखे हैं। इन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। हत्या के आरोप में शिमला पुलिस ने चारों युवकों को भुंतर से गिरफ्तार किया है। चारों युवक सब्जी मंडी कुल्लू में काम करते हैं और भुंतर में रहते हैं।
गिरफ्तार युवकों में राजकुमार थापा (25) पुत्र हस्ता बहादुर निवासी गांव, डाकखाना और जिला सलयाण रापती नेपाल, चेती राम (23) पुत्र कृष्ण राज गांव खणी जिला सलयाण रापती नेपाल, अशोक थापा (22) पुत्र हरका बहादुर निवासी जिला सलयाण रापती नेपाल और नवीन उर्फ निर्मल बूढ़ा (19) पुत्र बुद्धि राम गांव चाकली घाट सिदेश्वरी नेपाल शामिल हैं।
कातिलों ने ऐसे किया मर्डर
पुलिस ने बताया है कि दिली बहादुर और संजीत 19 जनवरी को आईएसबीटी गए थे। इन्होंने यहां से नेपाल जाना था। आईएसबीटी पहुंचने पर इन्हें राज कुमार और चेतीराम मिले। चारों लोग शराब पीने बस स्टैंड से नीचे खनोग गांव की ओर चले गए। शराब पीने के बाद राज कुमार और चेतीराम ने दिली बहादुर की पिटाई की। दिली बहादुर वहां गिर गया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद राज कुमार और चेतीराम, संजीत को बहलाकर ऊपर की ओर ले लाए।
कुछ दूर पहुंचते ही संजीत का गला घोंट कर उसे मार दिया। मामला छिपाने के लिए राज कुमार और चेतीराम ने संजीत की गर्दन काट दी। सिर को शरीर से कुछ दूरी पर फेंक दिया। दो हत्याएं करने के बाद दोनों आरोपी कुल्लू चले गए। पुलिस की धरपकड़ में अशोक थापा और नवीन उर्फ निर्मल बूढ़ा भी इस तरह की घटनाओं में संलिप्त पाए गए।
मोबाइल फोन से हत्थे चढ़े हत्यारे
आईएसबीटी के पास हुआ ब्लाइंड मर्डर केस मोबाइल फोन से हल हुआ है। पुलिस ने बताया है कि संजीत के मोबाइल फोन नंबर की पड़ताल की गई। संजीत जिस सिम का प्रयोग कर रह था उसे हिमाचल के एक व्यक्ति के नाम पर जारी किया था। लेकिन मोबाइल फोन 20 जनवरी के बाद से गुम था।
पुलिस ने फोन नंबर से मोबाइल के ईएमआई नंबर पता लगाया। 21 जनवरी को फोन में वोडाफोन मोबाइल कंपनी का नंबर डाला गया। पुलिस को जांच में लोकेशन कुल्लू की मिली। इसी दौरान पुलिस कुल्लू पहुंच गई लेकिन मोबाइल फोन फिर बंद हो गया। इस दौरान शिमला पुलिस ने जगह-जगह दबिश दी। 30 जनवरी को हत्यारे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
कातिलों के गिरोह में नेपाली युवक
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला सिटी भजन नेगी ने बताया है कि हिमाचल में लूटपाट, छीनाझपटी और हत्याएं करने वाले नेपाल के युवकों के कुछ गिरोह सक्रिय हैं। सभी थानों से इस तरह के मामलों का रिकार्ड खंगालने को कहा है। प्रारंभिक पूछताछ में अप्पर शिमला और चंडीगढ़ में हुई कुछ लूटपाट की घटनाओं की जानकारी मिली है।
भजन नेगी ने शहर की जनता से बाहरी लोगों को अपने पास काम पर रखने से पूर्व इसकी जानकारी पुलिस को देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण नहीं करवाने वाले लोगों के खिलाफ भी पुलिस जल्द कार्रवाई करना शुरू करेगी। ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को दस दिनों के भीतर हल करने पर भजन नेगी ने पुलिस टीम की हौसला अफजाई की है।
आईएसबीटी में लगे कैमरे में फंसे आरोपी
शव मिलने के बाद पुलिस ने आईएसबीटी टुटीकंडी में लगाए सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। फुटेज में लाल और बैंगनी रंग की जैकेट पहने दो नेपाली मूल के युवक दिखाई दिए। कुल्लू में हुई धरपकड़ में पुलिस ने यह दोनों जैकेट भी बरामद कर ली हैं।
संजीत के परिजन तलब, डीएनए टेस्ट होगा- सिर कटी लाश संजीत की है या नहीं। इसकी शिनाख्त करने के लिए पुलिस ने संजीत के पिता को नेपाल से दोबारा बुलाया है। पहले पिता ने शव की शिनाख्त कर उसे संजीत मानने से इंकार कर दिया था। अब पुलिस पिता का डीएनए टेस्ट करेगी। पुलिस ने सिर कटी लाश को संभाल कर रखा है।
कुल्लू में बिना पंजीकरण के रहे थे आरोपी
हत्या के आरोप में गिरफ्तार चारों नेपाली युवकों का कुल्लू के पुलिस थानों में पंजीकरण नहीं हुआ है। शिमला पुलिस ने कुल्लू पुलिस से पंजीकरण का रिकार्ड जुटाया लेकिन इसमें इनका कोई उल्लेख नहीं मिला। नेपाल बार्डर में बदल लेते हैं अपने नाम- आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोग भारत आने से पहले नेपाल बार्डर में अपना नाम बदल लेते हैं। भारत में होने वाली किसी घटना में फंसने के दौरान उनके सही नाम का पता न चले। इसके लिए नाम बदले जाते हैं।
बिलासपुर के झंडूता से पकड़े दो नेपाली- शिमला पुलिस ने जिला बिलासपुर के झंडूता से भी दो नेपालियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस इसका अभी खुलासा नहीं कर रही है। अप्पर शिमला, मंडी सहित कई अन्य क्षेत्रों में पुलिस का धरपकड़ अभियान जारी है। जानकारी है कि नेपाली मूल के युवकों के कुछ गिरोह प्रदेश भर में सक्रिय है।
20 और 22 तारीख को मिले थे दो शव
आईएसबीटी के पास पांजडी रोड में 20 जनवरी को पुलिस को सिर कटी लाश और सिर बरामद हुआ था। इस शव की शिनाख्त नहीं हुई थी। 22 जनवरी को आईएसबीटी से नीचे सटे खनोग गांव में एक और शव मिला था। यह शव नेपाल मूल के दिली बहादुर का था।
जांच के दौरान पता चला कि दिली बहादुर अपने भांजे संजीत चौधरी के साथ हीरानगर के पास खनेट गांव में रहता था। यहां यह मेहनत मजदूरी करते थे। दिली बहादुर और संजीत को खनेट गांव में आखिरी बार 19 जनवरी को देखा गया था।
नेपाली ही थे कातिलों के निशाने पर
पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कातिलों के निशाने पर नेपाली मूल के लोग ही थे। पुलिस ने बताया है कि अप्पर शिमला में कमाई करने के बाद जब नेपाली मूल के लोग नेपाल जाते हैं तो उनके पास अच्छी खासी रकम होती है।
इसका फायदा कातिल उठाते हैं। नेपाल जाने वालों से दोस्ती बढ़ाकर उन्हें शराब में कोई नशीला पदार्थ पिलाकर बेसुध कर देते हैं। अगर कोई बेसुध न हो तो उसे मार तक देते हैं।