विजिलेंस ने हिमाचल के धर्मशाला उपमंडल में तैनात आईपीएच के जेई को एक ठेकेदार से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस के पुख्ता सूत्रों के अनुसार विजिलेंस के पास एक ठेकेदार ने जेई के खिलाफ शिकायत की थी।
शिकायत में ठेकेदार ने कहा था कि उसकी ओर से किए गए कार्यों के बिल पास करवाने की एवज में जेई रिश्वत मांग रहा है। इस पर विजिलेंस ने जाल बिछाया और जेई को रंगेहाथ धर दबोचा। आईपीएच का जेई पुरुषोत्तम चंद धीमान धर्मशाला उपमंडल में तैनात है।
आरोपी ने ठेकेदार को रिश्वत के पैसे देने के लिए दाड़ी स्थित अपने सरकारी क्वार्टर के बाहर बुलाया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसने कुछ माह अपने कार्यों को पूरा कर इनके बिल एक माह पहले जेई को दे दिए थे। इसके बाद आरोपी बिल पास करने में आनाकानी करने लगा और रिश्वत की मांग रखी।
सरकारी काम उसे वर्ष 2015 में आवंटित हुए थे। खास यह है कि नोटबंदी के बाद भी रिश्वतखोरों पर अभी तक कोई लगाम नही लग पाई है। महज अल्प समय में पहले मंडी में एक जज को रिश्वत लेने के आरोप में धरा गया था और अब जेई भी दबोचा गया है।