250 करोड़ से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने हिमाचल के बैंक अफसरों से पूछताछ की। इसके साथ ही मामले से जुड़े विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं के बयान भी लिए गए।
केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने मंगलवार को ऊना जिले के अंब में सरकारी गेस्ट हाउस में छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर यह उगलवाने की कोशिश की कि फर्जी बैंक खातों के जरिये बच्चों की करोड़ों की छात्रवृत्ति को निजी शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों ने कैसे हड़पा।
मामले की जांच में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। सीबीआई ने धोखाधड़ी का शिकार हुए छात्रों के बयान भी कलमबद्ध किए। उनसे दाखिला प्रक्रिया के तहत फॉर्म समेत अन्य औपचारिकताओं में लिए गए हस्ताक्षरों की तस्दीक करवाई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने फर्जीवाड़े में शामिल ऊना जिले के निजी शिक्षण संस्थानों से कुछ और दस्तावेजों को भी कब्जे में लिया है। पहले लिए गए रिकॉर्ड के अध्ययन के आधार पर भी मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मामले की जांच के लिए सीबीआई ने कई टीमें बनाई हैं। ये चंडीगढ़ समेत हिमाचल के विभिन्न विभागों में केस की छानबीन कर रही हैं। सीबीआई टीमें हैदराबाद से लेकर करीब 22 शिक्षण संस्थानों में दबिश देकर रिकॉर्ड कब्जे में ले चुकी हैं।
हालांकि अभी तक निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों को पूछताछ में शामिल नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि मामले में पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद ही मामले में उन्हें शामिल किया जाएगा।