ठियोग के साथ लगते जंगल में कोई अपनी नवजात बच्ची को फेंक गया। इसका पता तब चला जब एक कुत्ता इसे उठाकर बाजार तक ले गया। बाजार के बीचोंबीच बच्ची का शव मुंह में लिए घूम रहे इस कुत्ते को देखकर यहां मौजूद लोग दंग रह गए।
लोगों ने बच्ची का शव कुत्ते से छुड़वाया और इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। अब तक की जांच में सामने आया है कि इस बच्ची का जन्म सातवें माह में ही हो गया था।
वहीं, ठियोग अस्पताल से बाद विशेषज्ञ जांच के लिए बच्ची के शव को आईजीएमसी शिमला भेज दिया गया है। डीएसपी रतन सिंह नेगी ने खबर की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले भी ठियोग अस्पताल के पास इस तरह का मामला सामने आ चुका है।