स्टेट सीआईडी ने बिजली बिल के 5 करोड़ के गड़बड़झाले एवं 2100 करोड़ सेल टैक्स मामले में दो एफआईआर दर्ज की है।
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हिमाचल सरकार पर 2100 करोड़ के राजस्व का चूना लगाने वाली नाहन के मिश्रवाला स्थित इंडियन टेक्नोमैक कंपनी को लेकर जिले के कई आला अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। स्टेट सीआईडी ने बिजली बिल के 5 करोड़ के गड़बड़झाले एवं 2100 करोड़ सेल टैक्स मामले में दो एफआईआर दर्ज की है। कंपनी को करीब एक वर्ष पहले सरकार ने कब्जे में ले लिया है।
कंपनी के सभी अधिकारी तभी से फरार हैं। यूरोपियन देशों में पूरी तरह प्रतिबंधित क्रूड ऑयल का उत्पादन इंडियन टेक्नोमैक कंपनी ने यहां शुरू किया था। कंपनी ने आसपास की 141 बीघा जमीन खरीद ली थी। उस जमीन को जबरन खरीदने के आरोपों के बीच ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। बढ़ते प्रदूषण के कारण ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इसकी शिकायत की।
इसी बीच कंपनी ने वर्ष 2014 में अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया। इसके चलते कंपनी का चौतरफा विरोध शुरू हो गया। कंपनी की कई शिकायतें सरकार तक पहुंचने से सरकार के कान खड़े हो गए। सरकार मामले की जांच करती इससे पहले कंपनी के आला अधिकारी ने उत्पादन पूरी तरह ठप कर दिया और कुछ समय बाद यहां से बाहर चले गए।
सरकार ने जब जांच करवाई तो पाया कि कंपनी ने 2100 करोड़ का सेल टैक्स ही जमा नहीं करवाया है। सरकार के कड़े आदेशों के बाद सरकार ने 2015 में कंपनी को सील कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उच्च अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एक कमेटी ने कंपनी की चल अचल संपत्ति का ब्योरा एकत्रित कर सरकार को भेजा।
अब इस मामले में लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरने की तैयारी है। स्टेट सीआईडी के भराड़ी स्थित कार्यालय में हाल ही में दो एफआईआर दर्ज की है। उधर सीआईडी के डीआईजी दलजीत ठाकुर एवं एसपी विनोद धवन ने संपर्क करने पर इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार किया और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने को कहा।