एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर विजिलेंस ने इस मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की है। सलोआ खंड में खैर कटान की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही विजिलेंस ने पहली कार्रवाई की है।
विजिलेंस पिछले तीन माह से सलोआ के खरकड़ी, खुलवी और सलोआ के जंगलों का चप्पा-चप्पा छान रही थी। अभी वन खंड बड़ोह, कोट, बस्सी और भाखड़ा ग्वालथाई की जांच शेष है। जांच टीम जल्द ही यहां के जंगलों को भी खंगालेगी। प्रारंभिक जांच में पांच वन खंडों में करीब 25000 पेड़ों का अवैध कटान बताया जा रहा है।
शिकायत नंबर 56/17 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने एफआईआर नंबर 1/2018 के तहत इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 32, 33, आईपीसी की धारा 420, 120-बी और प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट की धारा 13(1) (डी) आर/डब्ल्यू 13 (2) के तहत कार्रवाई की है।