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आईजीएमसी में बच्ची से छेड़छाड़ मामले में जांच के आदेश, इस अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी

Sun, 21 Jan 2018 09:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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आईजीएमसी में बच्ची के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित बनाई जाएगी। बच्ची से छेड़छाड़ के मामले की जांच आईजीएमसी के संयुक्त निदेशक करेंगे। इसके लिए चार सदस्यों की कमेटी बनाई जाएगी।

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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने शनिवार को संयुक्त निदेशक को पत्र के माध्यम से जांच के आदेश दिए। सूबे के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में ऑर्थो महिला वार्ड में नौ साल की बच्ची के साथ शुक्रवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे छेड़छाड़ की घटना हुई।

एक अनजान शख्स बिस्तर पर लेटी बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने लगा। बच्ची के आवाज लगाने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने उससे पूछताछ की, लेकिन वह फरार हो गया। शनिवार को अस्पताल प्रबंधन से इस मामले पर बात करनी चाही तो कहा गया कि उन्होंने संयुक्त निदेशक को चिट्ठी भेज दी गई है।
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इस मामले पर संयुक्त निदेशक से भी बात की तो उन्होंने बताया कि वह ऑफिस में नहीं हैं। हालांकि शनिवार शाम को चिट्ठी संयुक्त निदेशक के पास पहुंचने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि सोमवार को ही असल में जांच कमेटी का गठन किया जाएगा।

मामले पर ये बोले स्वास्‍थ्य मंत्री विपिन परमार

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बताया कि बच्ची से छेड़खानी का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।

जांच के आदेश दे दिए हैं : प्रो. अशोक
आईजीएमसी के प्राचार्य प्रो. अशोक शर्मा का कहना है कि संयुक्त निदेशक (ज्वाइंट डायरेक्टर) को जांच की जिम्मेवारी के निर्देश लिखित में जारी कर दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
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कमेटी बनने के बाद होगी जांच शुरू : संजीव

आईजीएमसी के संयुक्त निदेशक संजीव सूद ने बताया कि वह शनिवार को किसी जरूरी कार्य से बाहर थे। शाम को अस्पताल में चिट्ठी पहुंची है। अब कमेटी बनाई जाएगी। इसमें चार लोगाें के पैनल बनाया जाएगा। वह पूरी जांच करेंगे। लापरवाही बरतने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया पर गर्माया मामला
आईजीएमसी में बच्ची के साथ छेड़खानी का मामला सोशल मीडिया पर भी खूब गर्मा गया है। लोग प्रशासन की ओर से मरीजों को मुहैया करवाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर सोशल मीडिया पर कई सवाल उठा रहे हैं।
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