एचआरटीसी चंबा डिपो घोटाला(सांकेतिक)
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एचआरटीसी चंबा डिपो में घोटाले की जांच कर ऑडिट टीम शनिवार को शिमला के लिए रवाना हो गई। 15 दिन तक आरएम कार्यालय चंबा में टीम ने जांच की। इस दौरान विभिन्न बैंकों में खातों का रिकॉर्ड और डाक्यूमेंट एकत्रित किए हैं।
अब शिमला में आगामी दो-तीन दिन में यह टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर एचआरटीसी के एमडी को फाइनल रिपोर्ट सौंपेंगी। इसके बाद ही एचआरटीसी चंबा डिपो में हुए घोटाले से पर्दा उठ सकेगा। एचआरटीसी चंबा डिपो में एक कर्मचारी पर चालक-परिचालकों के रात्रि भत्ते और ओवर टाइम के लाखों रुपये के गबन का आरोप है।
इसकी शिकायत प्रदेश परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की थी। शिकायत पर दो जांच टीमें एचआरटीसी के चंबा डिपो में जांच के लिए 26 जून को पहुंचीं। 15 दिनों तक जांच टीमों ने मामले की गहनता से छानबीन की।
आरएम कार्यालय के एक कमरे में इस जांच प्रक्रिया को अंजाम दिया गया, जिसकी चाबी भी जांच टीम अपने साथ रखती थी। आरएम चंबा सुभाष रणहोत्रा ने बताया कि ऑडिट पर चंबा आई टीम शनिवार को रवाना हो गई है। टीम ने अपने स्तर पर ही पूरी जांच की है।
जांच टीम पहुंचते ही लापता हो गया कैशियर, अभी तक नहीं मिला
जांच टीम के 26 जून को चंबा पहुंचने के बाद 29 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में एचआरटीसी चंबा डिपो का कैशियर लापता हो गया है। जिसका 12 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं चल पाया है।
परिजनों के खाते की भी हो जांच : शंकर
प्रदेश परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि चंबा डिपो के आरोपी कर्मचारी के खाते के अलावा उसके परिजनों के खाते में भी पैसों का लेन-देन मिलेगा। लिहाजा, आरोपी कर्मचारी के परिजनों के खातों की भी जांच अनिवार्य बनती है।