इस दौरान पंजाब पुलिस के भी कुछ अधिकारी स्वां नदी में मौजूद थे, लेकिन पंजाब पुलिस और खनन करने वाले लोगों ने खनन वाला क्षेत्र पंजाब की सरहद में होने की बात कही।
डीएसपी ने एसपी को दी सूचना में बताया कि मौके पर स्वां नदी में कुछ पंजाब पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे, जो अवैध खनन कर रहे लोगों का समर्थन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने खनन में लगे वाहनों के चालान तक नहीं किए।
डीएसपी ने एसपी से हिमाचल की भूमि की निशानदेही करवाने की मांग की। पुलिस अब मामला दर्ज करने और आरोपियों की धरपकड़ की तैयारी में है। उधर, एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि स्वां नदी में हो रहे अवैध खनन को लेकर एसएसपी रूपनगर को भी लिखा गया है।
इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रात के अंधेरे में रेत से भरे सैकड़ों टिपर इसी रास्ते से रोजाना गुजरते हैं। स्वां नदी में दिन दहाड़े जेसीबी व पोकलेन ऑपरेटर खनन कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी बैठकें कर कार्रवाई के दावे तो करते हैं लेकिन जमीनी हकीकत में खनन माफिया बेलगाम नजर आता है। ऐसे हालात में खनन रोकने को जिम्मेदार एजेंसियों पर सवाल उठने लगे हैं।