हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में मैहतपुर क्षेत्र के निकटवर्ती गांव नंगड़ा में गुरुवार सुबह खेतों में जमीनी विवाद पर हुए झगड़े में गोली लगने से आईटीबीपी जवान की मौत हो गई। मृतक की पहचान विपिन कुमार (37) पुत्र राम किशन निवासी नंगड़ा जिला ऊना के रूप में हुई है। पुलिस ने केस दर्ज कर मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ऊना भेज दिया है। वहीं हत्या के आरोपी जसवंत ने कुछ घंटों के बाद ही आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस के अनुसार आईटीबीपी जवान 29 मार्च रात को घर पर छुट्टी आया था। गुरदयाल सिंह निवासी फतेहपुर जिला ऊना ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि वह सुबह के समय अपने मामा के लड़के सतनाम के साथ आलू उखाड़ने स्वां बेला अपनी जमीन में आए थे। विपिन कुमार अपने खेत में प्रवासी मजदूर लगाकर गेहूं कटवा रहा था। इतने में नंगड़ा के रहने वाले जसवंत सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र दिलबाग सिंह, दिलप्रीत सिंह पुत्र जसवंत सिंह, अमरीक सिंह पुत्र दया सिंह और गुरमीत सिंह पुत्र गुरमुख सिंह जिप्सी में आए।
जसवंत अपने हाथ में 12 बोर की बंदूक लेकर जिप्सी से उतरा। साथ में बाकी लोग भी जिप्सी से उतर आए। जमीनी विवाद के कारण जसवंत ने बंदूक से विपिन कुमार पर गोली दाग दी, जिससे उसकी वहीं पर मौत हो गई। वारदात की सूचना मिलते ही एएसपी विनोद धीमान ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जसवंत सिंह समेत चारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि गोली दागने के कुछ घंटों बाद ही मुख्य आरोपी जसवंत ने खुद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद भी ले रही है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी जसवंत सिंह तथा इस हत्याकांड में संलिप्त अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
विनोद धीमान, एएसपी