राजधानी शिमला की एक जेल में नशीले पदार्थ का सेवन करने और जेल कर्मियों के पैसा लेने के मामले में जेल मुख्यालय हरकत में आ गया है। अमर उजाला में जेल में मोबाइल, कैदी छलका रहे जाम, चरस भी पहुंची शीर्षक से 25 जनवरी को प्रकाशित खबर के बाद जेल मुख्यालय ने जेल अधीक्षक स्तर के अधिकारी को जांच के आदेश दे दिए हैं।
वीडियो के समय और वीडियो में दिखाए गए तथ्यों की सत्यता को परखा जाएगा। दो दिन पहले खबर छपने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए थे। बता दें, राजधानी शिमला में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सूबे की एक जेल की बैरक में कैदी मोबाइल पर बात करते हुए जाम छलका रहे हैं। वीडियो में वे काले रंग की गोलियां दिखा रहे हैं, जिसे चरस बताया जा रहा है।
यह सब कौन लाता और कितना पैसा लेते हैं, इसका भी जिक्र है। वीडियो की एक क्लिप में कैदी जेल के अंदर शराब पी रहे हैं और वीडियो रिकार्डिंग भी कर रहे हैं। कैदी मोबाइल से बाहर बात कर पैसा कब और कैसे किसको देना है, उसका नाम भी ले रहे हैं। वीडियो में कैदी बेखौफ जेल के दो उच्च अधिकारियों का बार-बार नाम ले रहे हैं। उन्हें मोबाइल पर पैसा देने की बात कर रहे हैं। पांच वीडियो क्लिप में दो पंजाबी, एक नेपाली और एक अन्य कैदी का चेहरा साफ नजर आ रहा है। यह बोले रहे हैं कि वे जेल में बंद हैं और किसे पैसा देना है।