पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह साढ़े 9 बजे 38 सदस्यीय चार टीमें 13 अवैध होटलों को गिराने के लिए धर्मपुर से कसौली के लिए निकलीं। अन्य होटलों पर कार्रवाई करने के बाद सहायक नगर नियोजन अधिकारी शैल वाला के नेतृत्व में टीम दोपहर 2.30 बजे जैसे ही मंढोधार में नारायणी गेस्ट हाउस पहुंची तो उसके संचालक विजय ठाकुर ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
महिला अधिकारी से तू-तू मैं-मैं होने के बाद विजय ने अपनी लाइसेंस रिवॉल्वर निकाली और तीन गोलियां दाग दीं। महिला अधिकारी पर गोली चलाने का आरोपी विजय ठाकुर बिजली बोर्ड में कार्यरत हैं। बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में निदेशक सिविल के पीए के पद पर कार्यरत विजय इन दिनों तीन हफ्ते की छुट्टी पर है। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि 23 अप्रैल से 11 मई तक विजय ठाकुर ने तीन हफ्ते की छुट्टी ली हुई है।
एक गोली महिला की छाती और दूसरी जबड़े में लगी। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तीसरी गोली लोनिवि कर्मचारी के पेट में लगी। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौका देखकर फरार हो गया। एसपी सोलन मोहित चावला ने कहा कि मामला संगीन है।
एक महिला अधिकारी की मौत जबकि एक कर्मचारी घायल हुआ है। पुलिस आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। उपायुक्त विनोद कुमार ने कहा कि टीमों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। जो भी कानूनी कार्रवाई होगी वह अमल में लाएंगे।
टीसीपी के नियमों के विरुद्ध बनाए कसौली के होटलों के खिलाफ स्पोक संस्था ने करीब एक साल पहले एनजीटी में याचिका दायर की थी। आरोप था कि कई होटल मालिकों ने दो मंजिल की अनुमति लेकर छह मंजिलें खड़ी कर ली हैं।
एनजीटी ने टीसीपी को आदेश दिए कि अवैध होटलों की पहचान कर उनका बिजली-पानी काटा जाए। 13 होटलों में अवैध निर्माण पाया गया। होटल मालिक सुप्रीम कोर्ट चले गए, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
करीब 15 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने के प्रदेश सरकार को आदेश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने चार टीमें गठित की थीं।
सर्वोच्च न्यायालय ने अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश देते हुए तल्ख टिप्पणी की थी। जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने कहा था कि पैसे कमाने के लिए लोगों की जान को खतरे में नहीं डालने दिया जा सकता है। अवैध निर्माण के चलते पूरा शहर खतरे में है। इसी कारण भूस्खलन हो रहे हैं।
सीएम भी थे जिले में, कार्रवाई का दिन गलत चुना- मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आज पहले से ही दून का दौरा तय है। डीसी प्रोटोकॉल के तहत उनके साथ थे। जबकि एसपी सोलन छुट्टी पर थे। ऐसे में इतनी बड़ी कार्रवाई के लिए मंगलवार का दिन चुनना सही नहीं था।