मानव भारती विश्वविद्यालय में चार लाख से ज्यादा फर्जी डिग्रियां बेचने के मामले में एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने दिल्ली से केवल शर्मा नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। युवक ने दावा किया था कि 2010-2013 के बीच उसने विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री हासिल की है। लेकिन, जांच में यह डिग्री फर्जी पाई गई है। इस पहली गिरफ्तारी के साथ ही एसआईटी ने पैसे देकर फर्जी डिग्री हासिल करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस गिरफ्तारी को रैकेट के तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
एसआईटी तीन दर्ज मामलों की संयुक्त तफ्तीश कर रही है। अब तक की जांच में फर्जी डिग्रियां जारी कर करोड़ों रुपये कमाने की बात सामने आ चुकी है। पता चला है कि इस पैसे से मानव भारती चैरिटेबल ट्रस्ट ने राजस्थान में भी माधव विश्वविद्यालय स्थापित किया और वहां भी फर्जी डिग्री का धंधा चलाया है। इस गड़बड़झाले की तफ्तीश में वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और इनकम टैक्स के अधिकारी भी एसआईटी की मदद कर रहे हैं। ईडी ने अलग से 17 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी है। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे यह तय है कि विश्वविद्यालय के मालिक राजकुमार राणा ने देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी संपत्तियां बनाई हैं।