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हिमाचल: भंग हो चुके कर्मचारी चयन आयोग के पेपर लीक मामले में ईडी ने फिर लिया रिकॉर्ड, जानें पूरा मामला

Tue, 27 Oct 2026 05:30 AM IST
Krishan Singh कमलेश रतन भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।

सार

कर्मचारी चयन आयोग में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों का मामला दिसंबर 2022 में जेओए (आईटी) पोस्ट कोड 965 की परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद सामने आया था। 
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भंग कर्मचारी चयन आयोग पेपर लीक मामले में ईडी ने फिर लिया रिकॉर्ड। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के समय सामने आए भर्ती परीक्षाओं के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सक्रियता फिर सामने आई है। जांच एजेंसी न्यायालय के माध्यम से मामलों से संबंधित रिकॉर्ड जुटा रही है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी ईडी विजिलेंस से कुछ एफआईआर का रिकॉर्ड ले चुकी है। अब अधिकांश मामलों में चालान पेश होने के बाद रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू होने को अहम माना जा रहा है। कर्मचारी चयन आयोग में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों का मामला दिसंबर 2022 में जेओए (आईटी) पोस्ट कोड 965 की परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद सामने आया था।

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इसके बाद विजिलेंस ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज कीं। जांच के दायरे में जेओए (आईटी), जूनियर ऑडिटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर सहित अन्य पदों की भर्ती प्रक्रियाएं आईं। मार्च 2025 तक इस प्रकरण में विजिलेंस की ओर से 16 एफआईआर दर्ज की गई थीं। वर्ष 2023 में कुछ एफआईआर का रिकॉर्ड लेने के बाद ईडी ने अब न्यायालय के माध्यम से दोबारा दस्तावेज जुटाए हैं। अधिकांश मामलों में चालान पेश होने के कारण जांच से संबंधित रिकॉर्ड न्यायालय में उपलब्ध हैं। हालांकि, ईडी ने किन एफआईआर से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है और आगे जांच का केंद्र क्या रहेगा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। 

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संपत्तियों को लेकर भी उठे थे सवाल
पेपर लीक मामले में आरोपियों की कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों को लेकर भी शुरुआत में सवाल उठे थे। मामले में उच्च स्तर के अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की कथित संलिप्तता को लेकर भी चर्चा हुई थी। ऐसे में ईडी की ओर से रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, एजेंसी की आगे की कार्रवाई को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
 
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कोर्ट के माध्यम से ईडी ने रिकॉर्ड मांगा है, यह जानकारी मिली है। दर्ज की गई एफआईआर में से अधिकांश में कोर्ट में चालान पेश किए जा चुके हैं। मामले में जांच जारी है। -मुनीष डढवाल, एएसपी विजिलेंस, हमीरपुर
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