बहुचर्चित इंडियन टेक्नोमैक घोटाले के मुख्य कर्ताधर्ता तक अपनी पकड़ बनाने के लिए मामले की जांच कर रही प्रदेश सीआईडी अब इंटरपोल की मदद लेगी। इसके लिए जांच एजेंसी इंटरपोल से संपर्क साध रही है। माना जा रहा है कि मुख्य आरोपी और कंपनी का मालिक राकेश शर्मा देश छोड़कर भाग गया है। ऐसे में उसे पकड़ने के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी का सहारा लेना जरूरी है।
एएसपी सीआईडी वीरेंद्र कालिया ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ चल रही करोड़ों की फर्जी आरटीजीएस मामले में अदालत में चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है लेकिन मुख्य आरोपी अभी पकड़ से बाहर है। साथ ही मुख्य आरोपी किस देश में छुपा है, इसको लेकर भी अभी पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की मदद लेनी जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार जांच में कंपनी की ओर से हजारों करोड़ रुपये से अधिक की वैट और सेल्स टैक्स चोरी के अलावा बैंकों से फर्जी दस्तावेज पर लोन लेकर फरार होने के अलावा करोड़ों के बिजली बिल भुगतान के लिए फर्जी आरटीजीएस कर सरकार को चूना लगाया था। सभी मामलों में कंपनी के अधिकारियों के अलावा बिजली और आबकारी विभाग के कई अधिकारी भी जांच एजेंसी की पकड़ में हैं।