चेक बाउंस होने की स्थिति में आपकी मुसीबतें बढ़ सकती हैं और इसके लिए आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती हैं। जी हां, न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं कोर्ट नंबर-2 उपासना शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी को शिकायतकर्ता को 1 लाख रुपये बतौर हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं।
घुमारवीं ग्राम सेवा सहकारी सभा के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि दोषी ने 8 दिसंबर 2011 को सहकारी सभा से 50 हजार रुपये का लोन 13 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया था। ऋण लौटाने के एवज में आरोपी ने बैंक ऑफ बड़ौदा घुमारवीं शाखा का अपने खाते का 58770 रुपये का चेक शिकायतकर्ता को दिया।
शिकायतकर्ता ने उपरोक्त चेक हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक में खाते में लगाया। मगर दोषी के खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण उपरोक्त चेक बाउंस हो गया। इस पर शिकायतकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से दोषी को नोटिस भेजा।
मगर दोषी ने निर्धारित समय में चेक की धनराशि शिकायतकर्ता को न देने पर शिकायतकर्ता सभा द्वारा सचिव रामलाल पाठक के माध्यम से 13 जून 2013 को न्यायालय में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस मामले की शिकायत की।
अदालत में मामले की सुनवाई के बाद सभी आरोप सिद्ध होने पर उन्हें समय पर पैसा जमा न करवाने का दोषी करार देते हुए छह महीने के कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं कोर्ट ने दोषी को एक लाख रुपये बतौर हर्जाना अदा करने के भी आदेश दिए है।