कुत्ते की काटी हुई भैंस के दूध का दही स्कूली छात्रों को खिचड़ी के साथ परोस दिया गया। दही खाने से करीब 50 बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। खुलासा तब हुआ जब भैंस की मौत हो गई। इससे स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
मामला सुजानपुर की प्राथमिक पाठशाला करोट का है। रैबीज के खतरे को भांपते हुए स्कूल प्रबंधन ने आननफानन में बच्चों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगा दिए हैं।
स्कूलों में अवकाश चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों के घर पहुंचकर टीकाकरण किया है। बच्चों को चार-चार इंजेक्शन दिए जाने हैं।
मिड डे मील में खिचड़ी के साथ दही परोसने का मामला करीब दो माह पहले का है। 11 नवंबर को स्कूल में बच्चों को यह दही दी गई। इससे पहले भैंस को कुत्ते ने काटा था। 24 दिसंबर को भैंस की मौत हो गई।
भैंस की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया टीकाकरण
भैंस की मौत की खबर जंगल में आग की तरह फैली। स्कूल प्रबंधन को भी इसकी भनक लग गई। स्कूल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग से टीकाकरण की मांग उठाई। बुधवार से टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। इधर, स्कूल प्रबंधन जांच कर रहा है कि गलती कहां, कैसे और किससे हुई है।
पड़ोसियों ने भी लगवा रखा था भैंस का दूध
जिस घर में भैंस मरी है। वहां पड़ोसियों ने इस भैंस का दूध लगा रहा था। ये लोग भी टीके लगवा रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानपुर में इनका टीकाकरण चला हुआ है।
बच्चों का टीकाकरण शुरू
केंद्रीय मुख्य शिक्षक बिमला देवी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम से बच्चों के घर-घर पहुंचकर टीकाकरण की मांग की गई थी। बच्चों का टीकाकरण शुरू हो चुका है।
बीएमओ सुजानपुर डा. अर्चना सोनी का कहना है कि प्रत्येक बच्चे को चार टीके लगेंगे। सोनी के अनुसार स्कूल के करीब 50 बच्चों का टीकाकरण शुरू किया जा चुका है।
घर-घर जाकर टीकाकरण: डा. कटवाल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पीआर कटवाल का कहना है कि सभी बच्चों को निशुल्क टीके लगाने के आदेश दे दिए गए हैं। बच्चों के घर- घर जाकर उन्हें टीके लगाए जाएंगे।