प्रदेश में जाली दस्तावेजों के आधार पर गाड़ियों की हो रही बिक्री के गोरखधंधे का सीआईडी ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में भुंतर (कुल्लू) के रहने वाले भूपेश नंदन को गिरफ्तार किया है। यह जाली दस्तावेज तैयार कर गाड़ियों को बेचने में मदद करता था। एक गाड़ी के कागजात तैयार करने के लिए उसे दस हजार मिलते थे।
आरोपी ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी शिमला में जाली दस्तावेज के आधार पर गाड़ियों के पंजीकरण करवाए। जांच टीम से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी भूपेश नंदन ने पूछताछ में बताया है कि इसका एक दोस्त है। उसका नाम जगदीश ठाकुर है और वह बजौरा तहसील भुंतर (कुल्लू) का रहने वाला है।
उसने फरवरी 2016 में साई मोटर सौली खड्ड मंडी से एक नया टिप्पर खरीदा था और उसके कागजात पासिंग और पंजीकरण बनवाने के लिए उसके पास दिए थे। यह टिप्पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा टकोली से फाइनेंस करवाया गया था। इसकी मासिक किस्त करीब 20 हजार थी।
आरोपी को दस्तावेज तैयार करने के लिए मिलते थे दस हजार
डीआईजी सीआईडी डॉ. विनोद धवन
इसी दौरान जगदीश ने उससे कहा कि उसे पैसों की बेहद जरूरत है और वह टिप्पर बेचना चाहता है लेकिन टिप्पर पर बैंक लोन होने की वजह से बैंक उसे एनओसी नहीं देगा। इससे पहले भी जगदीश उससे एक टिप्पर के जाली दस्तावेज तैयार करवा चुका था और उन्हीं दस्तावेजों पर वह उस टिप्पर को बेच भी चुका था।
जाली कागज बनाने की एवज में जगदीश ने भूपेश को दस हजार देने की बात कही। आरोपी ने गाड़ी के सेल सर्टिफिकेट , टैक्स इनवाइस फार्म और इंश्योरेंस के जाली कागज लैपटॉप पर तैयार किए। इसमें धर्मेंद्र कुमार नाम से एक जाली पता तैयार करके आरटीओ कुल्लू के दफ्तर से पंजीकरण फार्म लेकर स्टेट ट्रांसपोर्ट आथरिटी शिमला में जाकर धर्मेंद्र कुमार के जाली पते के नाम से गाड़ी का पंजीकरण करवाया।
इस तरह चल रहा था गोरखधंधा
उसके बाद जगदीश ठाकुर के कहने पर इस गाड़ी को जगदीश की पत्नी चंपा ठाकुर के नाम पर कर दिया। धर्मेंद्र कुमार और चंपा ठाकुर के बीच में क्रय और विक्रय का शपथ पत्र कुल्लू कोर्ट में तैयार करवाया। इसके बाद जगदीश ठाकुर ने इस गाड़ी को मंडी के रहने वाले एक व्यक्ति को आगे बेच दिया।
डीआईजी सीआईडी डा. विनोद कुमार धवन ने कहा कि इस मामले में कुछ संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है। एसआईटी इस केस में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए रात दिन एक कर रही है।