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प्लॉट के नाम पर हिमाचल के डेढ़ हजार लोगों से ठग लिए सौ करोड़

Thu, 29 Mar 2018 10:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, ऊना
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कुछ बिल्डर्स ने कॉलोनियों की खरीद के नाम पर हिमाचल के डेढ़ हजार लोगों को चूना लगाया है। पंजाब के मोहाली के समीप रेजिडेंशियल कॉलोनी की खरीद-फरोख्त के नाम पर कुछ बिल्डरों ने करीब डेढ़ हजार हिमाचल के लोगों को चूना लगा दिया है।

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 इन्हें रिहायशी प्लॉट की जगह एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के नाम पर चिन्हित भूमि धोखाधड़ी से बेचने का आरोप है। इसको लेकर मोहाली में एफआईआर भी दर्ज हुई है। 

आरोप है कि प्रशासन से कथित मिलीभगत के चलते इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ठगी का शिकार अधिकांश लोग मंडी जिले से संबंधित हैं। यूथ ऑफ पंजाब संस्था ने शनिवार को ऊना में प्रेस वार्ता कर इस ठगी का पर्दाफाश किया। 

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यहां जानिए पूरा मामला

संस्था के प्रेस सचिव रणजीत सिंह गोस्वामी ने कहा कि मोहाली के साथ लगते गांव दाऊं माजरा और सहोड़ा में पंजाब का पेरिफेरी एक्ट लागू है। यहां कॉलोनी का निर्माण नहीं हो सकता। कुछ बिल्डरों ने स्थानीय प्रशासन से मिलकर हिमाचल के लोगों को 70 एकड़ जमीन पर प्लॉट बेच दिए।

लगभग डेढ़ हजार हिमाचल वासियों से करीब 100 करोड़ की ठगी सामने आई है। संस्था ने जब आवाज उठाई तो गमाडा (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने इसका संज्ञान लेकर दस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आ रहे लोग

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि हिमाचल के लोग बिल्डरों के लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आ रहे हैं। संस्था ने अपील की है कि लोग इस तरह के झांसे में न आएं और पूरी तरह जांच परख के बाद ही जमीन खरीदें।

उनके साथ रणजीत सिंह, अजमेर सिंह और सुमित भी मौजूद रहे। मामले में मोहाली स्थित गमाडा के प्रशासक रवि भगत का कहना है कि जहां कॉलोनियां काटी जा रही हैं, वहां बिल्डर्स के पास इसके लाइसेंस नहीं हैं। इस बाबत विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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