रोज सुबह 7:45 बजे बस उसे घर से लेती थी। दोपहर ठीक 2:20 बजे घर छोड़ती थी। 14 फरवरी को बस दोपहर को 10 मिनट की देरी 2:30 बजे पहुंची। बच्ची को उसी शाम को पेट में दर्द शुरू हो गया और वह तड़पने लगी। बच्ची ने अपनी मौसी को बताया कि स्कूल बस के ड्राइवर अंकल ने आज बस में उसके साथ गलत हरकत की है। परिजन उसे करीब 8 बजे पंचकूला सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां मेडिकल जांच में खुलासा हुआ कि बच्ची के साथ रेप हुआ है।
शिकायत मिलने से पहले ही पुलिस के अधिकारी पहुंचे
डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि मासूम का जब सामान्य अस्पताल में मेडिकल हो रहा था तो पुलिस की एक लेडी इंस्पेक्टर अपने इलाज के लिए गई हुई थीं। उसे जैसे ही घटना का पता चला तो आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
मामले को गंभीरता से लेकर वह खुद एसीपी नूपुर बिश्नोई, महिला थाना प्रभारी नेहा और अन्य अधिकारियों के साथ वहां पहुंचे और रात करीब 2 से सुबह 5 बजे तक अस्पताल में ही रहे। उन्होंने मौके पर ही क्राइम ब्रांच व अन्य टीमों को आरोपी बस चालक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
स्कूल प्रशासन पर भी शिकंजा कसेगी पुलिस
मासूम की मासी ने पुलिस को बताया है कि स्कूल बस में कोई भी महिला अटेंडेंट नहीं होती है। मौसी ने स्कूल प्रबंधन को महिला अटेंडेंट लगाने के लिए कहा था। घटना वाले दिन यदि बस में महिला अटेंडेंट होती तो शायद यह वारदात न होती। डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि इस लापरवाही के लिए स्कूल प्रबंधन और बस ठेकेदार के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।