औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के सनसिटी के पास स्थित गोदाम से करोड़ों रुपये की शराब में हेराफेरी के मामले में पुलिस ने चार ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। मामले में पांच ठेकेदारों ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
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याचिका रद्द होते ही पुलिस ने चार ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। एक ठेकेदार की बेटी का विवाह है। इस कारण उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया है। मुख्य आरोपी ईटीआई अंकुश चौहान निवासी नगरोटा बगवां (कांगड़ा) को अदालत से 30 नवंबर तक रिमांड मिली है।
करोड़ों की शराब मामले में आबकारी विभाग ने ऑडिट में खुलासे के बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया था। इसी आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। आबकारी विभाग सहित पुलिस महकमा जानने का प्रयास कर रहा है कि आखिर करोड़ों की शराब का गबन कैसे किया गया?
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मामले में ईटीआई की गिरफ्तारी के बाद पांच ठेकेदारों ने उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ली थी, जहां पुलिस ने पहले ही स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी थी। इस पर इनकी जमानत याचिका रद्द हो गई।
आरोपी इस दिन कोर्ट में पेश किए जाएंगे
पुलिस ने भूपिंद्र सिंह निवासी गांव गंगर हंडोला, बंगाणा (ऊना), राकेश शर्मा निवासी गांव उपरला बसाल (ऊना), चंचल कुमार निवासी पंजावर, हरोली (ऊना), जोगिंद्र लाल रायपुर, (ऊना) को गिरफ्तार किया है।
किशोरी लाल गांव एवं डाकघर धनोट, ज्वालामुखी (कांगड़ा) की बेटी की शादी होने के कारण उसे अभी अरेस्ट नहीं किया है। एसपी राहुल नाथ ने कहा कि पुलिस ने पांच में से चार ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया है।
इन्हें वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा। एक ठेकेदार की बेटी की शादी है। इसके चलते उसे बाद में गिरफ्तार किया जाएगा।
सरकार ने बद्दी सनसिटी के समीप एल-1 शराब का गोदाम बना रखा है। यहां से सोलन, सिरमौर, शिमला और किन्नौर के ठेकेदारों को शराब सप्लाई होती है। एक जुलाई, 2016 से आरोपी इंस्पेक्टर अंकुश चौहान निवासी नगरोटा बगवां (कांगड़ा) बद्दी में तैनात था।
आरोप है कि इंस्पेक्टर ने नियम कानून ताक पर रखकर ठेकेदारों को उधार शराब बांटनी शुरू कर दी। कानूनन नकद पैसे के बगैर एक भी बोतल गोदाम के बाहर नहीं जा सकती।
यह गोरखधंधा लंबे समय तक चलता रहा और बद्दी के एल-1 गोदाम से लगभग ढाई करोड़ की शराब बाहर जा चुकी थी। ऑडिट के दौरान यह मामला सामने आया था।