फॉरेस्ट गार्ड की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि फॉरेस्ट गार्ड की मौत उसके लापता होने के दो दिन बाद हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार पोस्टमार्टम के लिए शव पहुंचने से 36 से 48 घंटे पहले मौत हुई है।
मौत का कारण जहर के सेवन के बाद आक्सीजन की कमी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मृतक के शरीर पर गहरी अंदरूनी चोटें नहीं मिली हैं। यह खुलासा चूंकि प्रारंभिक रिपोर्ट में हुआ है, ऐसे में एफएसएल की फाइनल रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह से साफ हो सकेगी। एसपी प्रेम कुमार के अनुसार प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
उधर, प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि लापता होने के दो दिन तक फॉरेस्ट गार्ड किससे मिला? कहां रहा? क्या उसे बंदी बनाकर सुनियोजित ढंग से खाने या किसी अन्य चीज के साथ स्लो प्वाइजन या कीटनाशक जहर तो नहीं दिया गया?
पुलिस इन सवालों के जवाब तलाशने में लगी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अभी पूरी तरह यह नहीं कहा जा सकता कि मौत जहर के कारण ही हुई है या मामला आत्महत्या का है। काफी कुछ संदिग्ध है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
जहर के सेवन के बाद आक्सीजन की कमी से मौत
एसपी प्रेम कुमार ठाकुर ने कहा कि फोरेंसिक एक्सपर्ट की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। मौत जहर के सेवन के बाद आक्सीजन की कमी से हुई है। कलाइयों में रगड़ के निशान हैं। हैड इंजरी नहीं है। शरीर पर किसी तरह की अंदरूनी चोट नहीं है।
हलकी चोटें है, जिससे जान नहीं जा सकती। लापता होने के दो दिन बाद शव मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि पुलिस इस पहलू में जांच कर रही है, लेकिन मौत तो जहर के सेवन से ही हुई है।
कब क्या हुआ
05 जून: सोमवार को फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह लापता हुआ
06 जून: मंगलवार विभागीय बैठक में ना पहुंचने पर खोज शुरू हुई
07जून: बुधवार को परिजनों से बातचीत करने के बाद पुलिस को सूचना
08 जून: वीरवार को पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी की रिपोर्ट
09जून: शुक्रवार सुबह दस बजे पेड़ पर उल्टा लटका मिला शव, हत्या का मुकदमा
10 जून: शनिवार 11 बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
11 जून: रविवार को पोस्टमार्टम के आधार पर हत्या की धारा बदली
हत्या से आत्महत्या में बदले मामले पर बढ़ा तनाव
फॉरेस्ट गार्ड की हत्या के मामले को आत्महत्या में बदलने के बाद सराज क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। परिजन इसे आत्महत्या मानने से पूरी तरह इंकार कर रहे हैं।
जबकि जिस बीट क्षेत्र में फॉरेस्ट गार्ड पेड़ से लटका मिला है, वहां अवैध कटान भी हुआ है। ऐसे में लोग पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों ने विरोध जताकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।