हिमरी पंचायत के ओजड़ गांव में आग लगने दो मंजिला मकान जलकर राख हो गया है। घटना बुधवार दोपहर को हुई। पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना वीरवार सुबह मिली। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार कोटखाई ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार को फौरी राहत दी है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर करीब दो बजे जब ओजड़ गांव निवासी सत्यप्रकाश और उसका परिवार घर पर मौजूद नहीं था। स्थानीय युवक संजय ने घर में आग की लपटों को उठता देखा और इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। घर में आग को फैलता देख ग्रामीण भी मौके पहुंचे, लेकिन गांव में पानी की किल्लत के कारण आग पर काबू पाने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई।
देखते ही देखते मकान पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गया। आग से मकान पूरी तरह से जल गया है, वहीं अंदर रखे जेवर और डेढ़ लाख रुपये की नगदी भी जलकर राख हो गई है। घटना में करीब 12 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
पुलिस थाना प्रभारी संदीप शर्मा ने बताया कि आग लगने का शुरुआती कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुुलिस मामले की जांच कर रही है।
पानी होता तो बचाया जा सकता था मकान
कोटखाई। हिमरी पंचायत में जल संकट के कारण दो मंजिला मकान को आग की लपटों से नहीं बचाया जा सका। मकान के पीछे एक पानी का टैंक भी बना था, लेकिन टैंक में भी पानी नहीं था। अगर गांव में पानी की सप्लाई सुचारु होती तो मकान और अंदर रखे सामान को बचाया जा सकता था।
हिमरी पंचायत प्रधान राजीव मेहता ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे, लेकिन पानी न होने के कारण मकान को नहीं बचाया जा सका। अगर पानी की किल्लत नहीं होती तो दो मंजिला मकान को ग्रामीण बचा सकते थे।