टीम के साथ गए कोच ने तीनों लड़कियों को दूसरे राज्यों की टीम से खेलने को कहा। ऊना की तीन लड़कियों में से दो ने पांच मैच मध्य प्रदेश की तरफ से खेले तथा एक लड़की के ऊपर दबाव बनाया गया कि वह उड़ीसा की तरफ से खेले, लेकिन उसने इंकार कर दिया।
मामले में खिलाड़ी साल 2017 से न्याय की मांग कर रहे थे। स्थानीय उपप्रधान ने भी मामले को उठाया था लेकिन मामले को दबा दिया गया था। खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती से मिले, जिसके बाद सत्ती ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलाया।
खिलाड़ियों की बात सुनकर जहां मुख्यमंत्री ने तीनों खिलाड़ियों को राहत राशि के तौर पर दस-दस हजार रुपये दिए। मामले पर कार्रवाई के आदेश भी दिए।
एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने जांच में पाया है कि आरोपी सही हैं। इस पर पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।