फार्मास्यूटिकल कंपनी में दूसरी बार नकली दवाओं के उत्पादन का पर्दाफाश हुआ है।
- फोटो : डेमो पिक
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में नामी फार्मास्यूटिकल कंपनी में दूसरी बार नकली दवाओं के उत्पादन का पर्दाफाश हुआ है। इस बार पशुओं की नकली दवाओं का खुलासा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त छापामारी से हुआ है। सितंबर 2013 में इसी परिसर से नकली दवाओं की बड़ी खेप बरामद हुई थी।
नकली दवाओं की पुख्ता सूचना पर शनिवार देर रात आठ सदस्यीय टीम ने फैक्टरी परिसर में दबिश दी। इस टीम की अगुवाई स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने की। टीम के अन्य सदस्यों में सहायक ड्रग कंट्रोलर आरके चौधरी, ड्रग इंस्पेक्टर रजत, सन्नी कौशल, सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर गरिमा शर्मा, कमलेश, सुरेश और एएसपी विनोद कुमार धीमान आदि शामिल रहे।
चौधरी ने बताया कि पशुओं की नकली दवाओं की खेप बरामद हुई है। कंपनी के पास लाइसेंस भी नहीं है। उन्होंने बताया कि एक राज्य में इस कंपनी वर्धमान फार्मा के सैंपल फेल होने की सूचना मिली थी। तब विभाग ने फैक्टरी परिसर की निगरानी शुरू की।
उन्होंने बताया कि 2013 में भी फैक्टरी सील हुई थी। तब से कंपनी के पास लाइसेंस नहीं था। पुलिस अधीक्षक सिरमौर सौम्या साम्बशिवन ने मामला दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी के मालिक जैन दंपति की तलाश शुरू कर दी गई है।