मानव भारती विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार रजिस्ट्रार को कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मामले में गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों को 27 मार्च तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। पुलिस ने सोमवार को रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को सीजेएम कोर्ट सोलन में पेश किया। जहां सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने रजिस्ट्रार को 18 मार्च तक पुलिस रिमांड पर रखने और असिस्टेंट रजिस्ट्रार और डाटा ऑपरेटर को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।
पुलिस पड़ताल में ही इस बात का भी खुलासा हुआ कि बहुत से ऐसे कोर्स जिन्हें चलाने की मानव भारती विवि के पास मान्यता ही नहीं थी, उसे भी संस्थान संचालित कर रहा था। इस सारे प्रकरण में मानव भारती के मालिक और रजिस्ट्रार ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का कहना है कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ जारी है और इस मामले में पुलिस जल्द ही बड़ा खुलासा करेगी।
मानव भारती विवि के मालिक तक नहीं पहुंची पुलिस
मानव भरती विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस के हाथ अभी भी संस्थान के मालिक तक नहीं पहुंच सके हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए मालिक ने पहले अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की और उसके बाद उसे वापस भी ले लिया। लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ भी पुलिस अभी एक्शन में नहीं आई है।