एक कर्मचारी ने ऐसा कदम उठाया, जिससे घरवारों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामला हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला का है। विकास खंड कार्यालय हरोली में बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर लिया है।
मृतक की पहचान 54 वर्षीय वासुदेव निवासी हरोली के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं अभी तक आत्मदाह करने के पीछे के कारणों को सुराग नहीं लग पाया है।
बताया जा रहा है कि मृतक नालागढ़ क्षेत्र से संबंधित है। वह पिछले काफी लंबे अरसे से हरोली में ही मकान किराए पर लेकर अपने परिवार सहित रह रहा था। पुलिस ने मामले में परिजनों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक वासुदेव निवासी हरोली रोजाना की तरह शनिवार को ड्यूटी पर गया हुआ था। दोपहर को खाना खाने घर के लिए निकला। इसी दौरान वासुदेव ने रास्ते में खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली।
आग की लपटों को देखते हुए लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और 108 को सूचना दी। लेकिन तब तक वासुदेव आग की लपटों में पूरी तरह से झुलस चुका था और मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ऊना अस्पताल भेज दिया।
बीडीओ हरोली मनोज कुमार ने बताया कि मृतक वासुदेव उनके कार्यालय में बतौर चपरासी कार्य करता था। उन्होंने बताया कि वह भी सुबह दफ्तर आकर बाद में फील्ड के चले गए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें भी इसकी सूचना उनके विभाग के अधिकारियों की ओर से फोन पर मिली है।
उन्होंने बताया कि सूचना पाकर वह मौके पर भी गए थे। वहीं डीएसपी हरोली नवदीप सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक मृतक के आत्मदाह करने के कारणों का पता नहीं लग पाया है।