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बैंक फ्रॉड मामले में ईडी ने शिमला में अटैच कीं 1.08 करोड़ की तीन संपत्तियां

Sat, 31 Aug 2019 07:28 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश में बड़ी कार्रवाई की है। 1.50 करोड़ के एक बैंक फ्रॉड मामले में जांच के बाद ईडी ने 108 करोड़ की तीन संपत्तियों को अटैच कर दिया है।

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ये संपत्तियां उन लोगों की थीं जिन्होंने राजधानी के आसपास के क्षेत्र में एक रिसॉर्ट बनाने के लिए एक बैंक से 1.50 करोड़ का लोन लिया और फिर उस लोन के पैसे का दूसरी जगह उपयोग कर लिया। अब ईडी संबंधित अदालत में मामले में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करेगी।

शिमला निवासी राजेश मुख्यान और नीनू श्याम ने गांव मोहाल सधोरा में जोया रिसॉर्ट बनाने के लिए सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शिमला शाखा से 1.50 करोड़ का लोन लिया। पार्टनरशिप में लिए गए इस लोन में शिमला के रहने वाले लालचंद श्याम गारंटर बने।
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आरोप है कि दोनों ने बैंक में गलत दस्तावेज लगाकर व बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर निर्धारित प्रक्रिया दरकिनार कर लोन की रकम हासिल कर ली। इसके बाद यह बैंक अकाउंट नान परफार्मिंग असेट (एनपीए) हो गया।

मामले में सीबीआई ने 2015 में एक एफआईआर दर्ज की लेकिन जून 2019 में ईडी ने मामले में एनफोर्समेंट केस इनफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान ईडी ने पाया कि लोन के एवज में जोया रिसॉर्ट के दोनों मालिकों ने 1.25 करोड़ रुपये हासिल कर लिए और उन्हें बैंक से कैश कराकर दूसरी जगहों पर इस्तेमाल कर लिया। यही नहीं, बैंक का लोन अकाउंट एनपीए हो गया जिसकी खड़ी रकम 1.53 करोड़ बन गई।

जांच में मनी लॉड्रिंग की पुष्टि के बाद ईडी की शिमला इकाई ने शनिवार को 108.93 लाख रुपये कीमत के राजेश व नीनू के गांव मोहाल सधोरा स्थित दो प्लॉट और गारंटर लाल चंद श्याम के मौजा कैथू स्थित रॉयल ओक्स अपार्टमेंट के एक फ्लैट को पीएमएलए एक्ट के तहत अटैच कर लिया।

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