हिमाचल के सोलन जिले के नालागढ़ की मीतियां पंचायत के कुसरी गांव में नशे में एक आदमी ने देर रात दो बजे अपनी लाइसेंसी दो नाली बंदूक से घर के भीतर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान छर्रे लगने से घर में मौजूद चार बच्चियां और आरोपी का छोटा भाई घायल हो गया।
उन्हें घायल अवस्था में नालागढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से सभी को पीजीआई रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही नालागढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर बंदूक को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने 3 जिंदा और 11 खाली कारतूस भी बरामद किए हैं।
भाई की ओर भी कर डाला फायर
पुलिस के मुताबिक चिंत राम ने अपने कमरे में अचानक बंदूक से गोलियां दागना शुरू कर दिया। गोली की आवाज सुनते ही घर के सभी सदस्य जाग गए। साथ लगते कमरे से उसका भाई अनंत राम बाहर आया और गोली चलाने का कारण पूछा। इस पर चिंत राम ने अपने भाई की ओर भी फायर कर दिया।
गोली खिड़की से टकराने के बाद छर्रे बिखरकर अनंत राम (39), उसकी बेटियां निशा, हीना, अंकिता, रीता को लगे, जिससे सभी लहूलुहान हो गए। निशा, हिना व अंकिता को पीजीआई से घर भेज दिया गया है। रीता की छाती, कमर व अनंत कुमार के सिर-बाजू व पांव में छर्रे लगे हैं। ये दोनों पीजीआई में उपचाराधीन हैं।
शराब पीने के बाद नहीं रहता होश
17 वर्षीय युवती हिना ने बताया कि वे सभी सोए थे। उसके ताया चिंत राम दूसरे कमरे में सोए थे। उन्होंने सोने से पहले शराब पी ली थी। रात 2 बजे गोलियां चलने की आवाज आने के बाद सभी बाहर बरामदे में आ गए। जब उसके पिता ने ताया से गोली चलाने का कारण पूछा तो उन्होंने दो फायर उनकी ओर कर दिए, जिससे वे घायल हो गए। हिना ने बताया कि उसके ताया चिंत राम अच्छे इंसान हैं लेकिन शराब पीने के बाद उन्हें होश नहीं रहता है।
मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त थाना प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि पहले चिंत राम ने खेत की ओर खिड़की से गोली चलाई। बाद में उसने बरामदे की ओर जाने वाली खिड़की में भी फायर कर दिया, जिससे छर्रे लगे हैं। अगर सीधा कारतूस लग जाता तो मौके पर ही जान जा सकती थी। एसपी जी शिवा कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके से तीन जिंदा व 11 चले हुए कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने धारा 336, 337 आईपीसी व 25 व 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।