नारकोटिक्स कांगड़ा प्रभारी अजीत कुमार का कहना है कि पुरुषों पर कार्रवाई के बाद उन्होंने घर की महिलाओं को इस कारोबार में धकेल दिया। इस एरिया में महिलाएं नशा तस्करी में अधिक सक्रिय हैं।
एक समय था जब पुलिस महिलाओं पर शक नहीं करती थी पर अब सिलसिलेवार पकड़ी गई महिलाओं के बाद महिलाओं पर अधिक सख्ती बरती जा रही है। पिछले छह महीने में जितनी महिलाओं पर तस्करी के केस दर्ज किए गए हैं, पुरुषों की संख्या उनसे कम है।
2018 की शुरुआत में पंजाब और हिमाचल पुलिस ने संयुक्त रूप नशा तस्करों पर कार्रवाई की योजना तैयार की। 11 महीनों में 4-5 बार संयुक्त तौर पर रेड की गई लेकिन एक भी नशा तस्कर या नशा बरामद नहीं हो पाया। वीरवार को डीएसपी सिटी सुखजिंदर सिंह और एसएचओ रविंदर रूबी करीब 50 कर्मचारियों के साथ हिमाचल पुलिस के साथ मिलकर रेड करने के लिए भदरोया और छन्नी पहुंचे।
50 से अधिक घर और दुकानों खंगाली लेकिन एक भी तस्कर या नशा बरामद नहीं हो पाया। पिछली बार की तरह इस बार भी नशा तस्कर पुलिस के पहुंचने से पहले घरों और दुकानों को ताले लगाकर फरार हो चुके थे।