राज्य के मादक पदार्थ के अपराध नियंत्रण की संयुक्त टीम ने नशीली दवाइयों का जखीरा बरामद किया है। प्रदेश में नशीली दवाइयों की अब तक की यह सबसे बड़ी खेप मानी जा रही है।
बंद पड़ी एक दवा इकाई के स्टोर में दबिश के बाद दवाइयों की खेप को देख टीम भी चकित हो गई। स्टोर से (20 बाक्स) नशीले कैप्सूल और 9,500 दवाइयों की शीशियां बरामद की गई हैं। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जबकि, संदिग्ध कंपनी के अधिकारी फरार हो गए हैं। नशीली दवाइयों के इस गोरखधंधे में अंतरराज्यीय गिरोह के होने की आशंका जताई जा रही है। गुरुवार को एसएमसीसी शिमला टीम में शामिल एसआई जगजीत सिंह, मुख्य आरक्षी विक्रमजीत सिंह और ड्रग इंस्पेक्टर पांवटा सुरेश चौहान और ड्रग इंस्पेक्टर भूमिका की संयुक्त टीम ने छापा मारा।
शुक्रवार को शाम तक पूरी जांच चलती रही। डीएसपी पांवटा सोमदत्त ने बताया कि संयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान सफलता मिली है। मौके से अवैध नशीली दवाइयों की खेप कब्जे में लेकर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।