एचआरटीसी बस चालक राजकुमार ने आरोप लगाया है कि सुबह सवा दस बजे वह ओल्ड बस स्टैंड से आईएसबीटी रूट पर जा रहा था। इससे पहले ओल्ड बस स्टैंड में बस से सवारियां उतारते हुए दो प्राइवेट बसों के ड्राइवर कंडक्टर उसके पास आए और गालियां देनी शुरू कर दी।
प्राइवेट बसों के ड्राइवर कंडक्टर ने उसे बस की सीट से खींचने का प्रयास किया और वर्दी फाड़ दी। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने सरकारी कर्मी के काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
उधर प्राइवेट बस के कंडक्टर गौरव शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसकी बस ओल्ड बस स्टैंड से निकल रही थी तभी एचआरटीसी बस के ड्राइवर ने अपनी बस उसकी बस के सामने खड़ी कर दी और रास्ता रोक दिया। जब एचआरटीसी ड्राइवर को बस हटाने के लिए कहा तो उसने अपने पांच सात साथियों के साथ गालियां दी और मारपीट भी की।
बसों में सवारियों को चढ़ाने के लिए कंडक्टर होते हैं लेकिन एचआरटीसी ने ओल्ड बस स्टैंड में एक कर्मी सवारियां चढ़ाने के लिए विशेष तौर पर तैनात किया है। यही व्यक्ति विवाद का कारण है। जिला प्रशासन ने ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने के आदेश दिए हैं यह स्वागत योग्य कदम है।- अमित चड्ढा, महासचिव, प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन
ओल्ड बस स्टैंड में आए दिन प्राइवेट और एचआरटीसी बस ड्राइवर कंडक्टरों के झगड़ों की शिकायतों के बाद शनिवार दोपहर बाद जिला प्रशासन ने एचआरटीसी के अधिकारियों, प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन के प्रतिनिधियों, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता एडीएम लॉ एंड आर्डर प्रभा राजीव ने की। करीब तीन घंटों तक समस्या के समाधान को लेकर मंथन किया गया। एडीएम ने आदेश दिए कि आए दिन हो रहे इन विवादों का समाधान एचआरटीसी और प्राइवेट आपरेटरों का ज्वाइंट टाइम न होना है।
उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को जल्द से जल्द ज्वाइंट टाइम टेबल तैयार करने के लिखित आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि बसों का टाइम टेबल फिक्स होगा तो बसें अपने पूर्व निर्धारित समय पर चलेंगी।
टाइम टेबल बनने के बाद मनमानी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकेगी। बैठक में एसडीएम शिमला नीरज चांदला और आरएम शिमला देवासेन नेगी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बस आपरेटर मौजूद रहे।