जम्मू के कठुआ के राजबाग पुलिस थाने में इंदौरा के कुलाड़ा निवासी युवक का अपहरण कर आतंकियों ने उसके सिर पर तीन गोलियां दागकर मार डाला। थाने पर हुए फिदायीन हमले में एक पुलिस कर्मी और सीआरपीएफ के दो जवान शहीद हो गए। आतंकियों ने दो स्थानीय लोगों की भी बेरहमी से हत्या कर दी। इसमें एक कांगड़ा के इंदौरा निवासी रणधीर सिंह (42) पुत्र जलंधर सिंह है।
सुरक्षा बलों ने पांच घंटे चली मुठभेड़ के बाद दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ में एसडीपीओ समेत सुरक्षा बलों के एक दर्जन जवान जख्मी हुए हैं। रणधीर सिंह सुबह 5:30 बजे जम्मू सब्जी मंडी में संतरे बेचकर अपनी जीप से लौट रहा था कि राजबाग पुलिस थाने के बाहर सेना की वर्दी पहने आतंकवादियों ने उसकी गाड़ी को रोक लिया।
सिर पर तीन गोलियां दाग दीं
इसके बाद उसका अपहरण कर आतंकी उसे राजबाग थाने के गेट पर ले गए। यहां आतंकवादियों ने गेट पर संतरी को गेट खोलने के लिए कहा। संतरी को कहा गया कि उन्होंने एक आतंकवादी को पकड़ा है। इसे अभी थाने में डालना है। जैसे ही संतरी ने थाने का गेट खोला, आतंकियों ने उसे गोली मारी। इसके बाद आतंकवादियों ने रणधीर सिंह के सिर पर तीन गोलियां दाग दीं।
गोलियां लगने के बाद रणधीर सिंह वहीं ढेर हो गया। इस गोलाबारी में इंदौरा के धमोटा का लखबीर सिंह सुपुत्र रूप लाल भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। वहीं, इंदौरा के चलोह निवासी रोहित कुमार ने जंगल में भागकर जान बचाई। पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है।