सीएमओ बिलासपुर वीके चौधरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है। उन्हें यह मालूम नहीं है कि एफआईआर में किसका नाम दर्ज है। हैरत यह है कि मामले को तीन दिन हो गए, लेकिन जिस सीएमओ के पास जांच की जिम्मेवारी है, उसे यह भी पता नहीं कि एफआईआर किसके नाम कटी है।
उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट या गायनीकोलॉजिस्ट ही अधिकृत है। बीएमएस डॉक्टर अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता है। इसकी जांच की जा रही है। जो भी रिपोर्ट होगी वह पुलिस को दी जाएगी।
मामले को उजागर करने वाली डीएसपी हमीरपुर रेणु शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जो व्यक्ति अल्ट्रासाउंड करते हुए पकड़ा गया है, वह कोई भी ऐसी डिग्री या कोई परमिशन नहीं दिखा पाया है, जिससे वह अल्ट्रासाउंड के लिए अधिकृत हो। मामले की जांच जारी है।