आर्मी कैंट एरिया टीहरा लाइन में हुए गोलीकांड में अगर दो जवान चारपाई के पीछे नहीं छिपते तो मरने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती थी। जिस दौरान सिपाही जसवीर सिंह बैरक में सोए हुए साथी जवानों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा रहा था, उस दौरान एक सिपाही और एक हवलदार ने चारपाई के पीछे छिप कर अपनी जान बचाई। सूत्रों की मानें तो सिपाही जसवीर सिंह ने मार्च माह में ही आर्मी कैंट एरिया टीहरा लाइन में ज्वाइन किया था।
सिपाही जसवीर सिंह की ड्यूटी 17 सितंबर को दो बजे से छह बजे तक थी। ऐसे में वह बैरक छोड़ कर कुछ मिनट पहले ही ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए गया था। कुछ देर बाद वह वहां से लौट आया। इस दौरान वह अपनी और अपने एक अन्य साथी की बंदूक भी साथ उठा लाया। बताया जा रहा है कि ए कंपनी बैरक में पांच जवान ही सोते थे। इनमें सिपाही जसवीर सिंह, हवलदार हरदीप सिंह और नायक हरपाल सिंह के अलावा एक हवलदार और एक अन्य सिपाही शामिल था।
इनमें से एक हवलदार और नायक की सिपाही ने गोली मार कर हत्या कर दी, जबकि खुद को भी अपनी बंदूक से गोली मार ली। इसके अलावा अन्य बचे दो जवान गोलियों की आवाज को सुन कर चारपाई के पीछे छिप गए, जिससे उनकी जान बच सकी। सूत्रों की मानें तो सिपाही जसवीर सिंह ने खुद को छाती में गोली मारी, जो कि शरीर को भेदते हुए बैरक की छत पर जा टकराई।